Nirjala Ekadashi : आज जिसने किया ये अचूक उपाय, उसका हर बिगड़ा काम बन जाएगा

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आज निर्जला एकादशी है। यह एकादशी पूरे साल की सबसे बड़ी एकादशी है। ज्येष्ठ मास के शुल्क पक्ष की एकादशी का बड़ा महत्व है। पंडित रामअवतार शास्त्री बताते है कि इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने पर विशेष फल मिलता है। निर्जला एकादशी पर व्रत करने भक्त अगर इन बातों को ध्यान रखें, तो उन पर प्रभु की सीधी कृपा बरसती है। उनके सारे अटके काम बनते निर्जला एकादशी पूजन विधि।

यह है पूजा विधि

  • निर्जला एकादशी का व्रत के नियमों का पालन दशमी तिथि से शुरू हो जाता है।
  • स्नान के समय सभी पवित्र नदियों के नामों का जाप करें। इसे घर पर ही गंगा स्नान का पुण्य मिलता है।
  • स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत करने का संकल्प करें।
  • भगवान विष्णु को पीले फल, पीले फूल, पीले पकवान का भोग लगाएं। दीपक जलाकर आरती करें। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
  • इस दिन गौ दान करने का विशेष महत्व होता है।
  • इस दिन व्रत करने के अतिरिक्त जप, तप गंगा स्नान आदि कार्य करना शुभ रहता है।
  • व्रत के बाद द्वादशी तिथि में स्नान, दान तथा ब्राह्माण को भोजन कराना चाहिए।

इन नियमों का करें पालन

  • एकादशी व्रती को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • इस एकादशी पर पानी का दान करें। किसी प्याऊ में मटकी का दान करें। अगर संभव हो सके तो किसी गौशाला में धन का दान करें।
  • इस एकादशी की शाम तुलसी की भी विशेष पूजा जरूर करनी चाहिए। शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं और परिक्रमा करें।