निर्भया गैंगरेप: गुनाहगारो की क्‍या है आखिरी इच्‍छा? आखिरी बार किससे करना चाहते हैं मुलाकात

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निर्भया के दोषियों को फांसी देनी की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। अब जेल प्रशासन के अधिकारियों ने तिहाड़ जेल में बंद निर्भया केस के चारों गुनहगारों को नोटिस थमाकर उनसे आखिरी इच्छा पूछी है। ताकि फांसी पर चढ़ाने से पहले गुनहगारों की अंतिम इच्छा पूरी की जा सके।

तिहाड़ जेल अधिकारियों ने निर्भया के दोषियों से पूछा है कि 1 फरवरी को तय उनकी फांसी के दिन से पहले वह अपनी अंतिम मुलाकात किससे करना चाहते हैं? उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो क्या वह उसे किसी के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं, कोई धार्मिक किताब पढ़ना चाहते हैं या किसी धर्मगुरु को बुलाना चाहते हैं? अगर वह चाहें तो इन सभी को 1 फरवरी को फांसी देने से पहले पूरा कर सकते हैं।

जानकारी इस बात की भी मिली है कि चारों में से एक ने अपनी जिंदगी खत्म होने के डर से खाना छोड़ दिया है जबकि दूसरा भी कम खाना खा रहा है। जेल अधिकारियों से पता चला है कि चारों में से एक विनय ने दो दिनों तक खाना नहीं खाया था। लेकिन बुधवार को इसे बार-बार खाना खाने के लिए कहा गया तो थोड़ा खाना खाया।

चारों दोषियों की सुरक्षा पर हर दिन हो रहे 50 हजार खर्च 

वहीं तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के चारों दोषियों की सुरक्षा पर हर दिन करीब 50 हजार रुपये खर्च हो रहे है. जिस दिन कोर्ट ने इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए डेथ वॉरंट जारी किया था उस दिन से इन कैदियों की सुरक्षा पर 50 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं. गुनहगारों के सेल के बाहर 24 घंटे तैनात किए गए 32 सिक्यॉरिटी गार्ड्स और फांसी देने के लिए किए जा रहे अन्य कई कामों में ये पैसा खर्च हो रहा है.

जेल सूत्रों के मुताबिक निर्भया के चारों दोषियों को तिहाड़ की जेल नंबर-3 में अलग-अलग सेल में रखा गया है. हर दोषी के सेल के बाहर दो-दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहते हैं. सिक्योरिटी गार्ड की हर दो घंटे में शिफ्ट बदली जाती है, ताकि वो आराम कर सकें और इन अपराधियों पर पैनी नजर बनाये रखें. हर एक कैदी के लिए 24 घंटे के लिए आठ-आठ सिक्योरिटी गार्ड लगाए गए हैं. चार कैदियों के लिए कुल 32 सिक्योरिटी गार्ड्स हैं जो 24 घंटे में 48 शिफ्ट में काम कर रहे हैं. हर दो घंटे की शिफ्ट में डबल गार्ड लगाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी कैदियों की निगरानी की जा रही है.