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दुल्हन ने शादी की पहली रात रख दी ऐसी डिमांड, जान कर आप भी करेंगे सलाम

भारतीय संस्कृति में शादी का बहुत महत्व है शादी में एक लड़का और लड़की का ही मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों का भी मिलन होता है। बहुत सारे रीति-रिवाज और रस्मों को पूरा करने के बाद एक शादी संपन्न होती है। शादी की रस्में बहुत सी ऐसी होती है जिसमें उपहारों की लेनदेन भी होती है जहां दूल्हा दुल्हन को और दुल्हन दूल्हे को भी बहुत से उपहार देती है वही परिवार के सदस्य भी एक दूसरे को बहुत से उपहारों से खुश करते हैं। लेकिन शादी के दौरान एक दुल्हन ने अपने दूल्हे से एक ऐसे उपहार की मांग कर दी के सब सुनकर हैरान रह गए और पति ने सुनते ही उसकी मांग पूरी कर दी। आइए आपको भी बताते हैं क्या थी वह अनूठी मांग, जिसने इस दुल्हन को चर्चा में ला दिया.

जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला काशी के चोलापुर का है जहां पर हजरत पुर के रहने वाले अभिषेक की शादी मिर्जापुर में रहने वाली लड़की निधि के साथ संपन्न हुई थी। शादी में बहुत सी रस्मों के बाद लड़की की मुंह दिखाई की रसम भी की जाती है जिसमें दुल्हन ने अपने ससुराल वालों से ऐसी मांग कर दी कि सब सुनकर हैरान ही रह गए। जी हां दुल्हन कि वह मांग सुनकर दूल्हे ने फटा फट से हां कर दी और दुल्हन की ख्वाहिश पूरी कर डाली।

आज के समय में पढ़े लिखे होने का बहुत फायदा होता है इसी बात का फायदा या सहे समझदारी दिखाई नई नवेली दुल्हन ने जब घर में गृह प्रवेश करने से पहले उसने दूल्हे के और ससुराल वालों के सामने अपनी एक अजीबो गरीज़ मांग से सनसनी मचा दी। दुल्हन ने सभी ससुराल वालों के सामने कहा कि मैं घर में सभी प्रवेश करूंगी जब घर के बाहर एक पेड़ लगाया जाएगा। पेड़ लगने के बाद ही मैं अंदर घर में प्रवेश करूंगी नहीं तो बिल्कुल भी कदम नही रखूंगी। हालांकि शादियों में लड़के पक्ष वाले देमंड्स रखते हैं ऐसे में इस दुल्हन ने इंसानियत के लिए एक नई मिसाल कायम कर दी.

यह बात सुनकर पहले तो ससुराल वाले सकते में रह गए की लड़की यह क्या बोल रही है लेकिन बाद में उन्हें यह बात समझ आई कि यदि हम कल करेंगे तो आसपास के सभी लोग और इस बात से प्रेरित होकर बहुत से लोग अपने धरती की हरी-भरी सुंदरता को ध्यान में रखते हुए पेड़ लगाने की पहल करेंगे। बस फिर क्या था दुल्हन की यही फरमाइश पूरी गई की गई और घर के बाहर पेड़ लगाया गया उसके बाद ही दुल्हन ने गृह प्रवेश किया। उसकी समझदारी और बहादुरी की सबने दाद दी और दुल्हन को बहुत सम्मान पूर्वक घर के अंदर ले कर गए। दुल्हन द्वारा उठाए गए इस कदम की भनक जब बाकी गाँव वालों को लगी तो उन्होंने उसकी बहादुरी और हिम्मत को सराहा और अपनी बेटियों को उससे सीख लेने की सलाह दी. देखा जाए तो इस दुल्हन ने जो भी किया उससे ना केवल उसकी अकेली की भलाई थी, बल्कि पूरे समाज को उसने एक नई राह दिखाई.

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