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‘ग्रे-ईगल’ होंगे देश के अगले नेवी चीफ, जानिए वाइस एडमिरल करमबीर के बारे में सबकुछ

सरकार ने वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को देश का अगला नेवी चीफ नियुक्त किए जाने की घोषणा की है. वाइस एडमिरल करमबीर सिंह तत्कालीन नौसेना चीफ एडमिरल सुनील लांबा की जगह लेंगे. सुनील लांबा 31 मई 2019 को रिटायर हो रहे हैं. वाइस एडमिरल करमबीर सिंह ने 31 अक्टूबर 2017 को वाइस चीफ नेवी का पदभार ग्रहण किया था. उन्हें उनकी सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक और परम विशिष्ट सेवा पदक (2018) से भी सम्मानित किया जा चुका है.

नौसेना की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार एडमिरल करमबीर सिंह नेशनल डिफेंस एकेडमी, खडकवासला के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने जुलाई 1980 में नौसेना ज्वाइन किया था. 1982 में एडमिरल करमबीर सिंह हेलिकॅाप्टर पायलट बने और चेतक और कामोव हेलिकॅाप्टर उड़ाने का गौरव हासिल किया. वे पहले ऐसे हेलिकॅाप्टर पायलट हैं जो नेवी चीफ बनेंगे. नेवी का सबसे सीनियर विमान-चालक होने के कारण उन्हें ग्रे-ईगल  भी कहा जाता है.

डिफेंस सर्विसेस कॅालेज, वेलिंगटन के नेवल वारफेयर कॅालेज, मुंबई से ग्रैजुएट एडमिरल करमबीर सिंह ने बाद में इन दोनों संस्थानों में निर्देशन स्टाफ के रूप में कार्य किया. लगभग 36 वर्षों के अपने करियर में, एडमिरल ने एक भारतीय तटरक्षक जहाज, एक नौसेना मिसाइल कार्वेट और साथ ही गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर्स की कमान संभाली. उन्होंने पश्चिमी बेड़े के संचालन अधिकारी के रूप में भी काम किया है. एडमिरल ने नौसेना मुख्यालय में संयुक्त निदेशक नौसेना वायु कर्मचारी के रूप में और मुंबई में नौसेना वायु स्टेशन के कप्तान और प्रभारी अधिकारी के रूप में भी काम किया है. उन्होंने एयरक्रू इंस्ट्रमेंट रेटिंग और श्रेणीकरण टीम (AIRCATS) के एक सदस्य के रुप में भी अपनी सेवा दी है.

वाइस एडमिरल की रैंक पर रहते हुए वह प्रोजेक्ट सीबर्ड के महानिदेशक, करवर में नौसेना के विस्तार और आधुनिक आधार के बुनियादी ढांचे के प्रभारी रहे हैं. नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में भी उन्होंने एक कार्यकाल संभाला है. एडमिरल करमबीर सिंह को भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से भी सम्मानित किया जा चुका है. पंजाब के रहने वाले एडमिरल करमबीर सिंह को साइकिल चलाना, दौड़ना और तैराकी पसंद है. उनके पिता भी वायु सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं.

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