क्राइम

पेट्रोल पंप पर तेल चोरी का नया फॉर्मूला, इस बार तो लुटेरों ने हद ही कर दी है

एक बार फिर पेट्रोल पंप पर तेल की चोरी की खबर आ रही है. बताते चले दो साल पहले पेट्रोल पंपों में चिप से तेल चोरी के मामले में  STF के धरपकड़ की थी. देशभर में छापेमारी के बाद सैकड़ों की संख्या में पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी. जिसमे कई पेट्रोल पंपों को सील कर दिया गया था . दूसरे विभागों के साथ ही यूपी एसटीएफ ने भी घटतौली के इस खेल को उजागर किया था. मगर एक बार फिर से पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल-डीजल तोलने का खेल शुरू हो गया है इस बार चिप से  तेल चोरी करने के बाद अब  सॉफ्टवेयर में टेंपरिग कर पेट्रोल, डीजल चुराने का मामला सामने आया है.

मिली जानकारी के मुताबिक एक लीटर पेट्रोल के बजाए ग्राहको  को 900 ग्राम पेट्रोल दिया जा रहा है.  परेशानी की बात ये है कि पहले की तरह से ये खेल पूरे यूपी और उसके आसपास के राज्यों में भी बड़ी तेज़ी से  फैल चुका है. ग्राहक चाहकर भी इस घटतौली को पेट्रोल पंप पर नहीं पकड़ सकता है.

जानिए कैसे हुआ खुलासा 

दरअसल हाल ही में बाट-माप विभाग की एक टीम यूपी के  हापुड़ जिले में गई थी.  वहां एक पंप मालिक की मदद से टीम पंप की मशीनों के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करने वाले दो इंजीनियरों से पंप मालिक बनकर मिली. जहाँ इंजीनियरों ने उन्हें दिखाया कि कैसे सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके ग्राहक को 100 ग्राम पेट्रोल कम तौल सकते हैं. और लोगो को चूना लगा सकते है.

खबरों की मने तो ये पेन ड्राइव के जरिए ये नया फार्मूला दो लाख रुपये में पेंट्रोल पंप मालिकों को बेची जा रही है. हालांकि बाद में उन दो इंजीनियरों को पकड़ लिया गया है. विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी यूपी के सैकड़ों पंप पर ये खेल चल रहा है. विभाग ने ये रिपोर्ट लखनऊ में मुख्यालय को सौंप दी है. रिपोर्ट के बाद से हड़कंप मचा हुआ है.  जांच और छापेमारी की तैयारी शुरू हो गई है. जांच की कमान एसटीएफ को दी गई है. रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पकड़े गए दोनों इंजीनियर तेल कंपनियों को डिस्पेंसिंग यूनिट सप्लाई करने वाली कंपनी के इंजीनियर हैं.

दो साल पहले पर्दाफाश के बाद बंद हो गए थे 50 पंप

दो साल पहले STF ने लखनऊ में एक साथ कई पंपों पर चिप लगाकर बड़े पैमाने पर तेल चोरी का पर्दाफाश किया था. जिसके बाद कार्रवाई में लखनऊ में करीब पचास पंपों पर गड़बड़ी पकड़ी गई थी. जांच के बाद बाट-माप विभाग के आधा दर्जन इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी.

Back to top button