क्राइम

मुजफ्फरपुर : जिस हॉस्पिटल में 109 मासूमो ने तोड़ा दम, वहीं मिले नरकंकाल 

Muzaffarpur: Bihar Health Dept orders investigation after human skeletal remains found behind SKMCH
मुजफ्फरपुर। एईएस या चमकी बुखार के करण चर्चित मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में  बच्चों की मौत का सिलसिला अभी थमा भी नहीं था कि इस अस्पताल परिसर से शनिवार को कुछ नरकंकाल बरामद होने से हड़कंप मच गया ।  ये  नरकंकाल एसकेएमसीएच परिसर के वैन विभाग स्थित झाड़ी से बरामद किये गये हैं । घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे अस्पताल प्रशासन सहित पूर्वी नुमंडलाधिकारी कुन्दन कुमार, सिटी एसपी नीरज कुमार समेत  पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी ।  इस अस्पताल में अब तक 109 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं, बिहार में शनिवार सुबह तक 173 बच्चे इस बीमारी के चलते जान गंवा चुके हैं।
मौके पर मौजूद जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने लावारिस व्यक्तियों के  कंकाल बरामद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्क्लेम डेड बॉडी का 72 घण्टों बाद डिस्पोज करने का प्रावधान है जिसके लिए सरकार की ओर से प्रति बॉडी 2000 रुपये भी दिए  जाते हैं । उन्होंने कहा कि लावारिस लाशों  को थाना पुलिस की मौजूदगी में डिस्पलेस्ड किया जाना है। उन्होंने अब तक बरामद नर कंकालों की संख्या करीब आधा दर्जन बतायी  है। उन्होंने कहा कि अनुमंडलाधिकारी की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।

अस्पताल अधीक्षक बोले

पूछे जाने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शाही ने बताया कि यह घटना पूरी तरह अमानवीय  है। इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आदेश के आलोक में कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार के लिए सरकार की ओर से दी जा रही राशि के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है।
उन्होंने पुष्टि करते हुए सभी नरकंकालों को लावारिस व्यक्तियों का बताया है। पूछे जाने पर अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जायेगी। इसके बाद ही कुछ पता चल पायेगा। हालांकि घटना के सामने आते ही इस घटना को अस्पताल में इंसेफलाइटिस से हो रही बच्चों की मौत से जोड़कर देखा जा रहा था।
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