उत्तर प्रदेश

गंदगी के चक्कर में नपी मुलायम की समधन, गोमती ने गिरवाई 50 लाख की गाज

लखनऊ । गोमती नदी के तट पर फैली गंदगी के दोषी मिलने पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की समधन समेत 4 अफसरों पर 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने लखनऊ नगर निगम पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। एनजीटी की सिफारिश के बाद अब उन्हीं अफसरों से इसकी भरपाई की जाएगी जिनकी जिम्मेदारी साफ-सफाई की थी। इसमें समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की समधन अंबी बिष्ट समेत 4 अफसर शामिल हैं। इनमें नगर निगम के मुख्य अभियंता सिविल एसपी सिंह, मुख्य अभियंता (विद्युत् यांत्रिक) राम नगीना त्रिपाठी, जोनल अधिकारी (जोन तीन) राजेश गुप्ता और जोनल अधिकारी (जोन छह) हैं।
नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि नगर निगम के चार अधिकारियों को एक नोटिस भेजते हुए उनसे जवाब तलब किया गया है। नोटिस में उनके गोमती नदी के तट पर फैली गंदगी पर ध्यान ना देने और उससे नदी का पानी प्रदूषित होने की जानकारी दी गई है। इसके लिए उन पर 50-50 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जिन चार अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। उनकी ओर से अभी तक किसी का जवाब नहीं आया है। जबकि नोटिस में लिखकर दिया गया है कि कुल दो करोड़ की वसूली के संबंध में शासन को पत्र लिखा जा सकता है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की टीम ने पिछले दिनों लखनऊ में गोमती नदी का ​निरीक्षण किया था। उसमें नदी में मांस का लोथड़ा, खून और प्लास्टिक इत्यादि बहाने जाने की पुष्टि हुई थी। एनजीटी ने इसके बाद ही नगर निगम पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। एनजीटी की इस सिफारिश पर नगर आयुक्त ने जिम्मेदार अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है।
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