अपना और बेटे का बंगला बचाने सीएम योगी की शरण में पहुंचे मुलायम…

फाइल फोटो

कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आज लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की.

लखनऊ: कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आज लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर काफी कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि, इस मुलाकात की क्या वजह थी और मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसको लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है. मुलाकात के मायने जो भी हो, लेकिन राजनीतिक गलियारे में सबकी नजर इन दोनों नेताओं की मुलाकात पर है. हाल ही में उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट से मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव के नाम गायब थे.

सीएम योगी के सरकारी आवास पर मिले मुलायम सिंह यादव
सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के लिए उनके सरकारी आवास, 5-कालीदार मार्ग पहुंचे. अब तक की जानकारी के मुताबिक यह मुलाकात पूर्व निर्धारित नहीं थी. मुलायम सिंह अचानक से सीएम योगी से मिलने उनके आवास जा पहुंचे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बातचीत हुई. बाद में मुलायम सिंह यादव वापस अपने आवास पर चले गए.

चाचा को मनाने के लिए शिवपाल यादव को महासचिव बनाने की तैयारी
पिछले दिनों एक कार्यक्रम के तहत औरैया पहुंचे समाजवादी पार्टी के दिग्गज शिवपाल सिंह यादव से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा, आपको समाजवादी पार्टी का महासचिव बनाया गया है? जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे इसकी सूचना सोशल मीडिया के जरिए मिली है. अभी तक उन्हें इसको लेकर कोई आधिकारिक चिट्ठी नहीं मिली है. पारिवारिक लड़ाई को लेकर शिवपाल सिंह ने कहा कि पारिवारिक विवाद तो कब का खत्म हो चुका है. नेताजी पार्टी के संरक्षक हैं और अखिलेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष. मैं नेताजी के आदेश का हमेशा से सम्मान करते आया हूं. उनके ही आदेश पर मैं शुरू से समाजवादी पार्टी से जुड़ा हूं और पूरी मेहनत करता हूं. आनेवाले वक्त में भी पार्टी के साथ उनके ही आदेश पर रहूंगा. सपा द्वारा लिए जा रहे फैसले को लेकर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अभी जो भी फैसले लिए जा रहे हैं, वो राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद ले रहे हैं.

28 मई को वोटिंग, 31 मई को काउंटिंग
नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव की ओर से जारी लिस्ट में अखिलेश यादव, किरनमय नंदा, मो. आजम खान, राम गोविंद चौधरी, राजेंद्र चौधरी, अहमद हसन, नरेश उत्तम पटेल, धर्मेंद्र यादव, रामवृक्ष यादव आदि के नाम शामिल हैं. नूरपुर उपचुनाव के लिए 28 मई को वोटिंग होगी, जबकि 31 मई को काउंटिंग होगी. 2019 लोकसभा चुनाव से पहले नूरपुर विधानसभा और कैराना लोकसभा चुनाव राजनीतिक दलों के लिए लिटमस पेपर टेस्ट जैसा माना जा रहा है.

बीजेपी के खिलाफ लामबंद हुए विपक्ष
नूरपुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी नईम उल हसन को मैदान में उतारा है. उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के बीच गठबंधन हुआ है. गठबंधन ने मिलकर फैसला किया कि कैराना लोकसभा सीट पर रालोद अपने प्रत्याशी को उतारेगी, जबकि नूरपुर सीट पर सपा अपने प्रत्याशी को उतारेगी. कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारे हैं. कांग्रेस ने गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया है. बीजेपी ने स्वर्गीय लोकेंद्र सिंह की पत्नी अवनी सिंह को नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट दिया है.