पीएम ने दुनिया को बताया अपना 4-D फॉर्मूला, जानिए इससे क्या हासिल किया ?

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बुधवार को अमेरिका में पीएम नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के दौलतमंदों को बताया कि भारत में उनकी कद्र और सम्मान करने वाली सरकार है. ब्लूमबर्ग बिजनेस समिट में पीएम मोदी ने दुनिया भर के उद्योगपतियों को भारत के विकास और आर्थिक सुधारों की कहानी सुनाई और बताया कि उनकी सरकार ने देश के विकास को गति देने के लिये ‘फोर-डी’ फॉर्मूले पर काम किया. इसी फॉर्मूले से उन्होंने पिछले 5 साल में भारत को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था बनाया और इसी फॉर्मूले के दम पर उन्होंने अगले 5 साल में देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है.

क्या है मोदी का फोर-डी फैक्टर ?

दुनिया के बिजनेस लीडर्स को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वे भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर को बढ़ाने के लिये फोर-डी फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं. यह फोर-डी फॉर्मूला है डेमॉक्रेसी, डेमॉग्राफी, डिमांड और डिसाइसिवनेस यानी भारतीय लोकतंत्र, जन सांख्यिकी, बढ़ती माँग और सरकार की निर्णायक क्षमता. उन्होंने बताया कि जब 2014 में वे सत्ता में आये, तब भारत की अर्थ व्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर की थी, जिसमें 5 वर्ष में उन्होंने 1 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि करके उसे 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था बनाया. अब उनका लक्ष्य है कि अगले 5 वर्ष में वे 2 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा करके भारतीय अर्थ व्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था बनायें.

उन्होंने कहा कि भारत की जनता भी सरकार और उसके विकास पर भरोसा करती है. वे 5 साल काम करने के बाद जनता के बीच गये और जनता ने पहले से अधिक सीटों के साथ उन्हें दोबारा सत्ता की बागडोर सौंपी. देश की जनता उनके साथ खड़ी है जो कारोबार को बढ़ाने के लिये बड़े से बड़े और कड़े से कड़े फैसले लेने पर भी सरकार के साथ खड़ी है. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने कॉर्पोरेट सेक्टर में भारी टैक्स कटौती करने का क्रांतिकारी फैसला लिया है. नई सरकार बनने के बाद उन्होंने 50 से ज्यादा ऐसे कानूनों को खत्म किया, जो कारोबारियों के मार्ग में बाधक थे.

मोदी ने सभी क्षेत्रों में निवेश के लिये कारोबारियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर यानी ढाँचागत सुविधाओं के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएँ मुहैया कराने पर सरकार 100 लाख करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों में भारत में 286 अरब का विदेशी निवेश हुआ है, जो उससे पहले के 20 वर्षों में हुए कुल विदेशी पूँजी निवेश का आधा है. अमेरिका ने भी पिछले दशकों में जितना एफडीआई भारत में किया है, उसका आधा मात्र 4 साल में किया है. यदि आप भी भारत में निवेश करना चाहते हैं, कारोबार करना चाहते हैं तो सभी क्षेत्रों में निवेश के अवसर हैं. अब बिजली कनेक्शन लेने में उद्योगों को कई साल नहीं लगते हैं, बल्कि कुछ दिनों में ही यह काम हो जाता है. कंपनी रजिस्ट्रेशन भी कई दिनों का नहीं, बल्कि कुछ घण्टों का ही काम हो गया है. आप भारत आइये, आपका स्वागत है.