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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 19 सरकारी कम्पनियो पर लगेगा अब ताला, ये है लिस्ट !

 

केंद्र में मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घाटे में चल रही 19 सरकारी कंपनियों को बंद करने का फैसला लिया है. मोदी सरकार की ओर से एचएमटी, हिंदुस्‍तान केबल्‍स और इंडियन ड्रग्‍स जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की 15 से ज्‍यादा कंपनियों को बंद करने की मंजूरी दी जा चुकी है. ये सभी कंपनियां घाटे में चल रही हैं. सरकार की ओर से यह जानकारी कांग्रेस के लोकसभा सांसद एडवोकेट अदूर प्रकाश के सवाल के जवाब में दी गई है.

मिली जानकारी के मुताबिक बताते क चले  लोकसभा में कांग्रेस के सांसद एडवोकेट अदूर प्रकाश ने भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय से पब्‍लिक सेक्‍टर की कंपनियों का ब्‍यौरा मांगा है. इसमें उन्‍होंने कुछ सवाल भी पूछे. कांग्रेस सांसद  पहला सवाल था कि क्‍या सरकार घाटे में चल रहे पीएसयू को बंद करने या उनके निजीकरण पर विचार कर रही है? इसके अलावा उन्‍होंने सवाल किया कि क्‍या नीति आयोग ने निजीकरण के लिए पीएसयू की एक नई सूची तैयार की है? यही नहीं, अदूर प्रकाश ने निजीकरण के लिए प्रस्‍तावित सभी पीएसयू के मुनाफा या नुकसान का भी ब्‍यौरा मांगा.

बताते चले लोकसभा में इन सवालों का जवाब देते हुए मंत्रालय के मंत्री अरविंद गणपत सांवत ने अलग-अलग विभागों की घाटे में चल रही कंपनियों के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्‍होंने सार्वजनिक क्षेत्र की उन 19 कंपनियों की सूची भी जारी की जिन्हें बंद करने की तैयारी चल रही है.जिसमेंएचएमटी वॉचेज लिमिटेड, एचएमटी चिनार वॉचेज लिमिटेड, एचएमटी बियरिंग्‍स लिमिटेड, हिंदुस्‍तान केबल्‍स लिमिटेड, तुंगभद्रा स्‍टील प्रोडक्‍ट्स लिमिटेड, एचएमटी लिमिटेड की ट्रैक्‍टर यूनिट और इंस्‍ट्रूमेंटेशन लिमिटेड की कोटा यूनिट भी शामिल है. जिन्हें बंद करने की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है.

इसके अलावा जहाजरानी मंत्रालय के अधीन केंद्रीय अंतर्देशीय जल परिवहन निगम लिमिटेड,फार्मास्‍युटिकल्‍स विभाग के इंडियन ड्रग्‍स और राजस्‍थान ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍युटिकल्‍स लिमिटेड को भी सरकार बन करने की तैयारी कर रही है.

 

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