राजनीति

नहीं आया बहुमत तो PM के लिए इनको आगे कर सकता है संघ, ये मोदी या गडकरी नहीं

इस बार के लोकसभा चुनाव 2014 की तरह एकतरफा नहीं होने वाले हैं. इसकी दो वजह हैं. पहली तो मोदी लहर का फीका पड़ना और दूसरी अखिलेश-मायावती के यूपी में गठबंधन के साथ-साथ कांग्रेस का मजबूत होना. ऐसे में माना जा रहा है कि अगर बीजेपी को बहुमत न मिला तो पीएम मोदी की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है. आइए जानें वो कौन है जिसको इस बार संघ पीएम पद के लिए आगे कर सकता है और इसकी वजह क्या है.

भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से 2014 जैसी जीत दोहराना चाह रही है. हालांकि ये इस बार इतना आसान नहीं. जिस तरह के समीकरण बन रहे हैं उससे बीजेपी को नुकसान होना तय है. बहुमत मिला तब तो मोदी ही दोबारा पीएम बनेंगे लेकिन बहुमत न मिलने की सूरत में दूसरे दलों से सहयोग लेने के लिए मोदी के नाम पर सहमति बनान बेहद मुश्किल होगा.

मोदी के विकल्प के रूप में नितिन गडकरी का नाम आगे चल रहा है. इसकी वजह है उनकी स्वीकार्यता जो अन्य दलों में भी है. कांग्रेस भी उनके नाम पर सहमति दे सकती है. वहीं टीएमसी, टीआरएस से लेकर शिवसेना से भी गडकरी के नाम पर सहमति आसान होगी. लेकिन गडकरी के विरोध में जो बात जाती हैं वो हैं उनका पूर्ति घोटाले में घिरना और उनका बिना सोचे समझे बोलना, जो संघ को चिंता में डाल सकता है. इस वजह से गडकरी इस दौड़ में पिछड़ सकते हैं.

ऐसे हालात में जो नेता इन दोनों से आगे निकल सकता है वो हैं राजनाथ सिंह. बेदाग छवि, संतुलित बातचीत और लंबे अनुभव के साथ ही संघ का स्वयंसेवक होना उनको इस बार संघ की पसंद बना सकता है. खास बात ये है कि संघ के साथ होते हुए भी मुस्लिम तक उनके नाम पर बिदकते नहीं हैं. उनकी छवि अल्पसंख्यकों में भी स्वीकार्य है. भाजपा का अध्यक्ष रहने के साथ यूपी के सीएम रह चुके राजनाथ की इन खूबियों की वजह से संघ इस बार उनको आगे कर सकता है.

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