बीजेपी की साध्वियों पर कांग्रेसी मंत्री का आपत्तिजनक बयान, एक ट्वीट ने मचाया कोहराम

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सोमवार को भोपाल में मिलीं उमा भारती व प्रज्ञा ठाकुर

आगामी लोक सभा चुनाव में कल यानि सोमवार को चौथे चरण का मतदान ख़त्म हुआ. इस बीच आम चुनाव 2019 में भोपाल सीट सबसे हॉट सीटों में से एक है.  इस मुलाकात पर कई राजनीति नेताओं के अलग-अलग बयान भी आ रहे हैं. जिसमें कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने विवादित ट्वीट कर दिया. इस ट्वीट से सियासी माहौल गर्म हो गया. बताते चलें ट्वीट में जीतू पटवारी ने दोनों की मुलाकात को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्‍तेमाल किया था. इस पर तत्काल भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने आपत्ति जताई तो पटवारी ने तुरंत अपनी भाषी बदल दी.

जीतू पटवारी ने एक ट्वीट में लिखा था ‘

राजनीतिक वासना के लिए मिलाप.’ उनकी इस भाषा पर प्रज्ञा ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई तो पटवारी ने तुरंत ही ट्वीट के शब्द बदल दिए. जीतू ने वासना की जगह लालसा लिख दिया.

बताते चले सोमवार (29 अप्रैल) को प्रज्ञा ठाकुर बीजेपी की वरिष्‍ठ नेता उमा भारती से मिलने उनके घर गई थीं. उमा ने पैर छूकर और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया था. फिर दोनों गले मिलकर रोई थीं. खेल मंत्री जीतू पटवारी की इस टिप्पणी पर सियासी भूचाल सा गया बीजेपी ने इसे महिलाओं के प्रति कांग्रेसी सोच का प्रतीक बताया.

मंत्री जीतू पटवारी के ट्वीट से सूबे की सियासत का तापमान सातवें आसमान पर पहुंच गया। भोपाल में केंद्रीय मंत्री उमा भारती और भोपाल से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के मिलन को मंत्री जीतू पटवारी ने राजनीतिक वासना बताते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि “दो राजनीतिक संतों का विलाप! संत समाज को सकारात्मकता देता है जीवन को खुशी-खुशी जीने की दिशा देता है. दो राजनीतिक संतों का राजनीतिक वासना के लिए विलाप, भोपाल की जनता तय करें”.

वासना को लालसा किया

जीतू पटवारी ने दोबारा किया ट्वीट 

दरअसल, प्रज्ञा के सवालों पर उमा भारती की बयानबाज़ी को लेकर अटकलें थीं कि उमा भारती प्रज्ञा ठाकुर से नाराज़ चल रही हैं. नाराजगी को लेकर गुटबाज़ी की भी खबरें आ रही थीं. साध्वी और उमा भारती की मुलाक़ात पर जीतू पटवारी ने तंज कसा कि भले ही दिल न मिले हैं..लेकिन गले जरूर मिल रहे हैं. आगे लिखा कि राजनीतिक वासना के लिए मेल मिलाप. वासना शब्द पर प्रज्ञा ठाकुर की ओर से आपत्ति आई तो पटवारी ने तत्काल वासना शब्द हटाकर उसकी जगह लालसा लिख दिया. जीतू पटवारी ने दोबारा ट्वीट किया जिसमें लिखा दो राजनीतिक साध्वी का विलाप. विलाप तो है, लेकिन राजनीतिक लालसा के लिए विलाप है.