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#MeToo कैंपेन पर बोले बिहारी बाबू- सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली

इस बार मीटू कैंपेन को लेकर बिहारी बाबू चर्चा में है. हमेशा से चर्चा में रहने वाले भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने यौन शोषण के खिलाफ महिलाओं के मी-टू कैंपेन के खिलाफ एक बड़ा बयान देकर फिर से तहलका मचा दिया है. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आरोप साबित हुआ नही और किसी को ब्लैकलिस्ट कर काम से निकाल देना या उसके साथ काम नही करना यह एक बड़ा पाखंड है नाटक है ढोंग है.

बिहार बाबू ने निर्देशक सुभाष घई के साथ भविष्य में काम करने के सवाल पर अभिनेता संजय दत्त का जिक्र करते हुए कहा है कि जब संजय दत्त को सजा मिलने के बाद भी लोग उनके साथ काम कर रहे हैं तो बिना आरोप साबित हुए किसी डायरेक्टर या प्रोड्यूसर के साथ काम नहीं करने का बयान देना एक तरह से ढोंग और पाखंड है, ये उनकी नजर में सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली जैसी बात है.

शत्रुघ्न सिन्हा ने  सुभाष घई के साथ आगे काम करने के सवाल पर कहा, “क्यों नहीं. अगर वो निर्दोष साबित होते हैं तो क्यों नहीं. तभी भी अगर वो दोषी साबित होते हैं और सजा काटकर काम करते हैं तो मैं उनके साथ काम करूंगा. संजय दत्त सजा काटकर आए और बड़े दिल वाले फिल्म उद्योग में आराम से सबके साथ काम कर रहे हैं. दरअसल, हमें संजय के साथ काम करने में तब भी दिक्कत नहीं हुई जब वो एक गंभीर केस के आरोपी थे.” सिन्हा ने कहा कि ये ढोंग है और लोग मी-टू कैंपेन में हीरो बनकर उभरने के लिए उनके साथ काम करने से मना करने का ऐलान कर रहे हैं जिन पर कोई भी आरोप लगा रहा है.

उनसे फिर पूछा गया कि तमाम स्टार्स मीटू के आरोपियों के साथ काम करने से मना कर रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘ये सब तो ढकोसलेबाजी है और मैं ये सब नहीं समझ पाता. लोगों को संजय दत्त के साथ काम करने से दिक्कत नहीं थी जो कि दोषी पाए गए थे, लेकिन उन्हें उस आदमी से दिक्कत है जिस पर आरोप अभी साबित भी नहीं हुए हैं. क्यों बस इसलिए कि वो लोग मीटू मूवमेंट के हीरो दिख सकें.

 

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