मायानगरी

मीना कुमारी ने जब झेली थी हलाला की जिल्लत, शर्मिंदगी में खुद को बोली थीं तवायफ

अपने जमाने की सुपरस्टार मीना कुमारी की कल पुण्यतिथि थी, उनको भी आम मुस्लिम महिलाओं की तरह हलाला के दर्द से गुजरना पड़ा था. मीना कुमारी का बचपन से लेकर जवानी दुखों से भरा रहा इसलिए इन्हें ट्रेजडी क्वीन भी कहा जाने लगा. मीना की आखिरी फिल्म पाकीजा थी जिसके रिलीज होने के एक महीने बाद 31 मार्च को उनका निधन हो गया था. आज जानें उनकी फिल्मी करियर और पर्सनल लाइफ से जुड़े कुछ किस्सों के बारें, जिसे जानने के बाद आपको भी हैरानी रह जाएंगे.

मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त को दादर (मुंबई) में हुआ था. बताया जाता है कि जब मीना कुमारी का जन्म हुआ था कि उनके पिता अली बख्श और मां इकबाल बेगम के बास डॉक्टर को देने के लिए पैसे तक न थे. दोनों ने यह तय कर लिया था वह बच्ची को मुस्लिम यातीमखाने में दे देंगे. देकर आ भी गए लेकिन पिता का मन नहीं माना और वापस जाकर बच्ची को घर ले आए. बच्ची का चांद सा माथा देखकर उसकी मां ने उसका नाम रखा ‘माहजबीं’. बाद में यही माहजबीं फिल्म इंडस्ट्री में मीना कुमारी के नाम से मशहूर हुई.

मीना ने 7 साल की छोटी उम्र से ही फिल्मों काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने पहली फिल्म फरजद ए हिंद में काम किया था. बैजू बावरा फिल्म से उन्हें खासा पहचान मिली. यह फिल्म 1952 में रिलीज हुई थी. इसके बाद वो लगातार सफलता की सीढ़िया चढ़ती गयीं. 1951 में तमाशा फिल्म के सेट पर मीना कुमारी की मुलाकात डायरेक्टर कमाल अमरोही से हुई.

अगले साल ही दोनों ने शादी कर ली. शादी के बाद कमाल ने मीना कुमारी पर शक करना शुरू कर दिया और कई पाबंदियां लगा दी. जैसे-तैसे इन दोनों का यह रिश्ता चलता रहा. 1964 में दोनों का तलाक हो गया. कमाल अमरोही को तलाक देने की बात पर पछतावा हुआ और फिर उन्होंने उनसे दोबारा निकाह करना चाहा. लेकिन तब इस्लामी गुरुओं ने बताया कि इसके लिए पहले मीना कुमारा का हलाला करना पड़ेगा यानि की किसी गैर मर्द के साथ हमबिस्तर होना पड़ेगा.

मीना कुमारी का हलाला करवाने के लिए तब कमाल अमरोही ने अपने दोस्त और एक्ट्रेस जीनत अमान के पिता अमान उल्ला खान के साथ मीना कुमारी का निकाह करवा दिया. जिसके चलते मीना कुमारी को अपने नए शौहर के साथ हमबिस्तर होना पड़ा. इतना ही नहीं, मीना कुमारी को ‘इद्दत’ यानी मासि‍क धर्म होने के बाद अपने नए शौहर से तलाक लेकर पुराने शौहर कमाल अमरोही से दोबारा निकाह करना पड़ा. मीना कुमारी ने अपनी जिंदगी में हुए इस हादसे पर कहा था, ‘जब मुझे मजहब के नाम पर, अपने जिस्म को दूसरे मर्द को सौंपना पड़ा, तो फिर मेरे और वेश्या में क्या फर्क रहा?‘

आपको बता दें कि फिल्म ‘पाकीजा’ के रिलीज होने के तीन हफ्ते बाद, मीना कुमारी गंभीर रूप से बीमार हो गईं. 28 मार्च, 1972 को उन्हें सेंट एलिजाबेथ के नर्सिग होम में भर्ती कराया गया. मीना ने 29 मार्च, 1972 को आखिरी बार कमाल अमरोही (अपने पति) का नाम लिया, इसके बाद वह कोमा में चली गईं. मीना कुमारी महज 39 साल की उम्र में 31 मार्च को इस दुनिया को अलविदा कह गईं. मीना कुमारी ने अपने करियर में करीब 100 फिल्में कीं और सुपरस्टार का दर्जा प्राप्त किया.

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