यूपी का सबसे बड़ा ‘बाहुबली’, हैरान कर देगा मुख्तार परिवार से जुड़ा ये सच

गैंगस्टर से पॉलिटिशियन बने मऊ से बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद थे. 9 जनवरी को जेल में ही दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई. उनसे मिलने पहुंची उनकी पत्नी अफसा अंसारी को भी ठीक उसी वक्त दिल का दौरा पड़ गया. दोनों को इलाज के लिए पहले जिला अस्पताल और फिर वहां से कानपुर के हैलट अस्पताल लाया गया. वहां भी इलाज नहीं हो सका, जिसके बाद दोनों को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में भर्ती करवाया गया. वहां डॉक्टरों ने सारी जांचें कर लीं. कुछ भी नहीं निकला. डॉक्टरों ने कहा कि मुख्तार अंसारी पूरी तरह से ठीक हैं. इसके बाद उन्हें वापस बांदा जेल भेज दिया गया. वहीं उनके घरवालों ने सरकार पर आरोप लगाए कि कुछ लोगों के दबाव में मुख्तार को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है. अब मुख्तार का इलाज बांदा अस्पताल में ही होगा.

दादा थे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता

मुख्तार अंसारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुख्तार अहमद अंसारी के पोते हैं. यूपी के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के दादा आजादी से पहले इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे. नाना महावीर चक्र विजेता तो चाचा देश के उप-राष्ट्रपति रहे. मऊ से पिछले पांच बार से विधायक मुख्तार अंसारी के परिवार का एक गौरवशाली इतिहास रहा है. मगर खुद मुख्तार जुर्म के रास्ते पर चल पड़ा. 40 से ज्यादा मुकदमें सिर पर लिए वो पिछले 13 सालों से जेल में बंद है. जितने मुकदमे हैं उतने ही दुश्मन भी.

पूर्वांचल में अपराध की दुनिया का बादशाह

अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह मुख्तार अंसारी मऊ, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर में कुख्तार अपराधी के तौर पर जाने जाते थे. लेकिन अपराध की दुनिया के साथ ही उन्होंने 1995 में राजनीति की दुनिया में भी कदम रखा और 1996 मे विधायक बनें.

नाना थे नवशेरा युद्ध के नायक

मुख्तार अंसारी के दादा की तरह नाना भी नामचीन हस्तियों में से एक थे. शायद कम ही लोग जानते हैं कि महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर उस्मान मुख्तार अंसारी के नाना थे. जिन्होंने 47 की जंग में न सिर्फ भारतीय सेना की तरफ से नवशेरा की लड़ाई लड़ी बल्कि हिंदुस्तान को जीत भी दिलाई. हालांकि वो खुद इस जंग में हिंदुस्तान के लिए शहीद हो गए थे.

मायावती ने बताया था गरीबों का मसीहा

मुख्तार अंसारी 2007 में पहली बार बसपा विधायक बने, अंसारी ने खुद को तमाम मामलों में निर्दोष बताया जिसके बाद मायावती ने उन्हें गरीबों का मसीहा बताया. यह वही दौर था जब अंसारी की छवि रॉबिन हुड के तौर पर स्थापित हुई थी. अंसारी ने 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ा, उस वक्त भी वह जेल में थे, लेकिन वह भाजपा के मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ हार गया.

पारिवारिक पृष्ठभूमि

मुख्तार अंसारी की छवि कुख्यात आरोपी के तौर पर हैं और उनके पास अकूत संपत्ति भी है. उनकी पत्नी के पास तकरीबन 12 करोड़ रुपए की संपत्ति है. यही नहीं उनका बड़ा बेटा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शूटर है. अंसारी के पास कुल 2 करोड़ 54 लाख 38 हजार करोड़ रुपए की चल संपत्ति है. जबकि उनके पास 2 करोड़ रुपए की जमीन और आवास है. उनके पास एक लाख 90 हजार रुपए की एलआईसी भी है. अंसारी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान जो एफिडेविट भरा था उसके अनुसार उनके पास ढाई करोड़ रुपए हैं जबकि उनकी पत्नी आफशा के पास 12 करोड़ रुपए की संपत्ति है.

पत्नी के पास है रिवाल्वर

अपने एफिडेविट में अंसारी ने उनके उपर दर्जनभर से अधिक आपराधिक मामलों का जिक्र किया है. जो जानकारी उन्होंने मुहैया कराई है उसके अनुसार उनकी शैक्षिक योग्यता स्नातक है. अंसारी की पत्नी आफशा के नाम 12 करोड़ 34 लाख 30 हजार रुपए की चल संपत्ति भी है. उनके पास 50 लाख रुपए के जवाहरात हैं. इसके अलावा 10 करोड़ 59 लाख व 850 रुपए का भवन है. आफशा के पास एक लाइसेंसी रिवाल्वर भी है.

अंसारी के दोनों बेटे हैं करोड़पति

मुख्तार अंसारी के दो बेटे हैं और दोनों ही करोड़पति हैं. दोनों बेटों के नाम 3 करोड़ 69 लाख रुपए की संपत्ति है. बेटे अब्बास के पास 2 करोड़ 20 लाख और दूसरे बेटे उमर के पास 1 करोड़ 45 लाख रुपए की जमीन है. अब्बास एक अंतर्राष्ट्रीय शूटर है और कई अंतर्राष्ट्रीय लेवल की शूटिंग प्रतिस्पर्धा में भी हिस्सा ले चुके हैं और कई खिताब भी अपने नाम किए हैं.