मायानगरी

मुंबई छोड़कर हमेशा के लिए जा रहे थे ‘बेकार’ बिग बी, इस एक्टर ने बुलाया और चल पड़ी गाड़ी

फिल्में किसी न किसी कहानी पर बनी होती हैं और इन फिल्मों में काम करने वाले स्टार्स का जीवन भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं होता है। आज के इस लेख में हम आपको बॉलीवुड से जुड़ा एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं जिसको जानने के बाद आप भी कहेंगे कि हां हर एक इंसान का जीवन किसी न किसी कहानी से जुड़ा रहता है। आज हम आपको बॉलीवुड के शहंशाह यानी की अमिताभ बच्चन के बारें में और उनसे जुड़ी कहानी एक और बॉलीवुड के दिग्गज़ एक्टर के बारें में बताएं। आप सभी जानते हैं कि बॉलीवुड हो या फिर कोई और इंडस्ट्री इतनी आसान नहीं होती सफलता।

आपने ”है प्रीत जहां की रीत सदा.. मै गीत वहां के गाता हूं भारत का रहने वाला हूं.. भारत की बात सुनाता हूं।” तो गीत सुना ही होगा। इस गाने को सुनते ही मान आपको दिल और जहन में देश के प्रति देशभक्ति भी ताजा हो जाती होगी। इस गाने में अभिनय करने वाले मनोज कुमार उर्फ भारत कुमार जी को भला आज कौन नहीं जानता है। मनोज कुमार यानी हरिकिशन गिरी गोस्वामी। जी हां, यही था मनोज कुमार का असली नाम। मनोज कुमार अपने समय के एक सुपरस्टार रहे हैं। मनोज कुमार ने 1957 में बतौर एक अभिनेता के रुप में फिल्म ‘फैशन’ से डेब्यू किया। मनोज कुमार हिंदी सिनेमा में भारत कुमार के नाम से मशहूर हैं।

आपको बता दें कि आज बॉलीवुड में सबसे सफल अभिनेता का नाम आता है वह है अमिताभ बच्चन। ऐसा बताया जाता है कि जब लगातार अमिताभ बच्चन फ्लॉप फिल्में दे रहे थे और वह काफी परेशान हो गये थे। इस दौरान वह मुंबई छोड़कर अपने माता-पिता के पास वापस जा रहे थे कि उस दौरान मनोज कुमार ने ही उनको मुंबई से वापस जाने से मना किया। मनोज कुमार ने अमिताभ को समझाया और मुंबई से जाने से रोक लिया था।


मनोज कुमार ने अपनी फिल्म ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ में अमिताभ बच्चन को मौका दिया। धीरे-धीरे अमिताभ बच्चन आज एक सफल अभिनेता बन गये हैं और हर एक युवा एक्टर उनको देखकर और उनको अपना आइडियल मानकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। एक कहानीकार के रूप में केवल 11 रुपए लेने वाले मनोज कुमार को फिल्मों में उनके बेहतरीन अभिनय की वजह से दादा साहब फाल्के, पद्मश्री, फिल्मफेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट जैसे अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है।

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