जरा हट के

मजदूर के बेटे ने हासिल किया ऊंचा मुकाम, बनने जा रहा DSP, गरीबी को देकर मात

अगर मन में सच्ची लगन और कुछ कर जाने का जूनून हो तो इंसान क्या कुछ नही हासिल कर सकता. ऐसे ही लगन और जज्बे के साथ देवराज ने अपनी गरीबी को मात देकर DSP तक का सफ़र तय किया है. हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य प्रशासनिक सेवा 2017 के लिए 5 से 16 मार्च के बीच चयनित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया था जिसका रिजल्ट 18 मार्च को घोषित किया गया.

परिणाम में एक छोटे से जनजातीय क्षेत्र ग्राम पंचायत करयुनी के कोठी गाँव के गरीब परिवार के देवराज ने सफलता हासिल की. आयोग की तरफ से मुख्य परीक्षा नवम्बर 2018 में ली गयी थी. परीक्षा के परिणाम 1 फरवरी 2019 को जारी किये गए थे. इस परीक्षा में कुल 103 अभ्यर्थियों को सफलता हासिल हुई थी.

देवराज ने शुरूआती पढ़ाई राजकीय प्राथमिक स्कूल कोठी से की. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सेंचूनाला से 10वीं क्लास और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल किलाड़ से 12वीं की परीक्षा पास की. इसके बाद राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला से ग्रेजुएशन किया.

देवराज के पिता अमरचंद एक मनरेगा के मजदुर हैं. उनकी माँ एक गृहिणी हैं जो भेड़ों को भी पालती है. माता पिता का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की सफलता पर गर्व है. देवराज अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देते हैं और कहते हैं कि उन्ही की मेहनत की वजह से आज मै इस मुकाम तक पहुँच पाया हूँ.

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