महाराष्ट्र: बढ़ता जा रहा शिवसेना का कन्फ्यूजन, बीजेपी की खिल रहीं बांछें

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राज्य में शिव-महाआघाडी (शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस) सरकार को लेकर राकांपा सुप्रीमों शरद पवार के बयान के बाद जहां भाजपा खेमे में उत्साह है, वहीं शिवसेना नेता इससे भ्रम की स्थिति में हैं। इस बीच मंगलवार को होने वाली कांग्रेस-राकांपा नेताओं की बैठक टल गई। जबकि भाजपा नेता व पिछली सरकार में नगरविकास राज्यमंत्री योगेश सागर ने दावा किया है कि अगली सरकार देवेंद्र फडणवीस के ही नेतृत्व में बनेगी। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सरकार न बनने पर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। इसके बाद महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने को लेकर गतिविधियां ढंठी पड़ गई हैं। अब तक सबकी नजर सोमवार को नई दिल्ली में हुई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राकांपा प्रमुख पवार की बैठक पर थी। पर सोनिया से मुलाकात के बाद पवार ने यह कह कर चौका दिया की उनसे महाराष्ट्र में सरकार बनाने की बावत चर्चा नहीं हुई। पवार के रुख से फिलहाल शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार बनाने की संभावना कमजोर पड़ी है। हालांकि तीनों दलों के नेता अभी भी राज्य में नई सरकार बनाने को लेकर आशांवित हैं।

भाजपा के साथ नहीं जाएगी राकांपाः मलिक

इस बीच राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि राकांपा अध्यक्ष पहले ही साफ कर चुके हैं कि राकांपा भाजपा के साथ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस-राकांपा नेताओं की बैठक होनी थी लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती की वजह से यह बैठक नहीं हो सकी। अब यह बैठक बुधवार को होगी। सरकार बनाने में हो रही देरी की बावत उन्होंने कहा कि शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा के बीच बातचीत जारी है। हमारे बीच विचारधारा का अंतर है। इस वजह से इसमें देरी हो रही है।

नई सरकार में लगेगा समयः थोरात

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोरात ने कहा है कि राज्य में नई सरकार बनाने में अभी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि तीनों दलों की सरकार पांच साल तक चल सके इसके लिए न्यूनतम साक्षा कार्यक्रम बनाने की जरुरत है। इस काम में अभी वक्त लगेगा। हम जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं ले सकते।

शुक्रवार को शिवसेना विधायकों की बैठक

इस बीच शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को अपने पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है। सरकार बनने में देरी की वजह से विधायकों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। समझा जा रहा है कि उद्धव अपने विधायकों को राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से अवगत कराएंगे। शिवसेना अपने धुर विरोधी कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है।

पहले हिंदुत्व छोड़े शिवसेनाः आजमी

कांग्रेस-राकांपा महाआघाडी में शामिल समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विधायक अबू आसिम आजमी ने कहा है कि महाराष्ट्र में शिव महाआघाडी की सरकार बनाने के लिए शिवसेना पहले अपना कट्टर हिंदुत्व का एजेंडे त्यागे। सपा विधायक ने कहा कि यह अच्छी बात है कि पवार साहब को सपा सहित अपने अन्य मित्र दलों की नाराजगी की परवाह है पर इस सरकार को समर्थन के बारे में अंतिम फैसला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। महाराष्ट्र विधानसभा में सपा के दो विधायक चुने गए हैं।