कमलनाथ के राज में कुत्तों का हुआ तबादला, भाजपा बोली- इनको तो बख्श देते बेदर्दी

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मध्यप्रदेश में छह महीने पहले हुई सत्ता परिवर्तन के साथ ही अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादलों का दौर शुरू हुआ, जो अब तक जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को राज्य सरकार ने पांच आईएएस अधिकारियों के साथ ही पुलिस विभाग के 46 खोजी कुत्तों के तबादले के भी आदेश जारी किये थे। कुत्तों के तबादलों को लेकर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं को कहना है कि तबादला उद्योग चला रही कांग्रेस सरकार ने कुत्तों को भी नहीं बख्शा, कुत्तों को तो बख्श देते।

राज्य शासन ने शुक्रवार को देर शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के पांच अधिकारियों का तबादला किया था। इसी के साथ एक आदेश जारी करते हुए डॉग हैंडलर के साथ पुलिस विभाग 46 कुत्तों को भी ट्रांसफर किया गया था, इनमें 23वीं बटालियन में तैनात खोजी और ड्रग्स ढूंढने वाले भी शामिल हैं, जिनका अलग-अलग जिलों में तबादला हुआ है। साथ ही उन्हें जल्द से जल्द नए जिले में ज्वाइनिंग देने के आदेश दिये गए थे। यह आदेश कमलनाथ सरकार की मुसीबत बढ़ाने वाला साबित होने लगा है। भाजपा ने तो इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा ही है, आम नागरिक भी कहने लगे हैं कि बिना नजराने के ट्रांसफर नहीं होता है, तो कुत्तों ने कैसे नजराना दिया होगा।

कुत्तों के तबादलों को लेकर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत ने शनिवार को सोशल मीडिया ट्वीटर के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है कि ‘ वाह री कमलनाथ सरकार, ट्रांसफर उद्योग में कुत्तों को भी नहीं छोड़ा। अब मध्यप्रदेश में कुत्तों का भी तबादला हो गया।’ वहीं, भोपाल की हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी ट्वीटर के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया है कि “अगर बस चले तो कमलनाथ सरकार आसमान भी बेच देगी। कमलनाथ सरकार को कम से कम कुत्तों को तो छोड़ देना चाहिए था। अगर ये संभव हो और कोई खरीदार मिल जाए, तो ये जमीन और आसमान का भी तबादला कर देंगे।”

कुत्तों के तबादलों को लेकर ट्वीटर पर जंग-सी छिड़ गई है। तबादला उद्योग को लेकर आम नागरिक भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। प्रीतेश खरे नामक एक व्यक्ति ने ट्वीट किया है कि ‘आश्चर्य तो यह है कि कुत्तों ने स्थानांतरण के लिये आवेदन और नजराना कैसे दिया होगा? बिना नजराने के तो स्थानांतरण संभव नहीं हो सकता।’ इस तरह की प्रतिक्रियाएं ट्वीटर पर जमकर ट्रोल हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ही विधानसभा में एक सरपंच के तबादले का मुद्दा उठा था। एक भाजपा विधायक ने सदन में सवाल उठाया था कि सरकार ने पंचायत सचिव की जगह एक सरपंच का तबादला कर दिया गया। वह यह भूल गई कि किसी जनप्रतिनिधि का ट्रांसफर सरकार नहीं कर सकती। इस मामले को लेकर सरकार की जमकर किरकिरी हुई थी। अब पुलिस विभाग के कुत्तों के कारण कमलनाथ सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।