करिश्मा: सिर कुचलकर 500 फीट गहरी खाई में फेंका, 5 दिन बाद जिंदा मिला

पुरानी कहावत है कि जाको राखे साइयां मार सके न कोई. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है मध्य प्रदेश के इंदौर से. जहां पांच दिनों पहले एक युवक को अगवा करने के बाद उसका सिर पत्थरों से कुचल दिया गया था. जिसके बाद उसे इंदौर के नजदीक 500 फीट गहरी खाई में फेंक दिया गया था. वह युवक शुक्रवार को जिंदा पाया गया. उसकी सांसें चल रही थी. पुलिस ने छात्र को गंभीर हालत में खाई से निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया है.साथ ही पुलिस ने कॉल डिटेल व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गुरुवार सुबह आरोपी आकाश रत्नाकर निवासी नौलखा, रोहित उर्फ पीयूष परेता निवासी कुशवाह श्रीनगर और विजय परमार निवासी राजदार गांव को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आकाश ने अपहरण व हत्या कबूल ली.

7 जनवरी से था लापता

दरअसल मामला इंदौर के शाहगढ़ (सागर) का है. यहां रहने वाले स्कूल संचालक मोहित भल्ला का 20 वर्षीय बेटा मृदुल उर्फ मनु क्लर्क कॉलोनी (परदेशीपुरा) में साथी सौरभ सेन के साथ किराये के मकान में रहता है. 7 जनवरी को वह लापता हो गया था. लगातार ढूंढ़ने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो मृदुल के दोस्त थाने पहुंचे और दोस्त के गायब होने की जानकारी दी. मृदुल के दोस्तों का कहना है कि पुलिस ने शिकायत तो सुन ली, लेकिन तुरंत उनके दोस्त को ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की.

हत्या का कारण

आरोपी ने बताया कि वह कॉलोनी में रहने वाली बीएससी की छात्रा से 4 साल से प्रेम करता है. शक था कि मृदुल के कारण प्रेमिका दूरी बना रही है. दोनों रात 12 से 3 बजे तक ऑनलाइन चैटिंग करते थे. इसलिए साथियों की मदद से हत्या का षड्यंत्र रचा और उसे 7 जनवरी को भाई की कार (एमपी 09 सीयू 5956) में अगवा कर जंगल में ले गए. इन्होंने मृदुल को बांधकर पत्थर से उसके सिर को कुचला और उसे मरा समझकर गहरी खाई में इसे धकेल दिया.