पुलिस हत्याकांड: सड़को पर लगे पोस्टर- लिखा पुलिस अंकल… प्लीज, गोली मत मारिएगा

0
42

विवेक तिवारी मर्डर: 'पुलिस अंकल! आप गाड़ी रोकेंगे तो पापा रुक जाएंगे...प्लीज गोली मत मारियेगा'

लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में एक तरफ सियासत गरमाई हुई है, वहीं दूसरी जनता भी इस घटना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस घटना को लेकर तरह-तरह चर्चा कर रहे हैं. कुछ दुख बयां कर रहे हैं तो कुछ यूपी पुलिस की छवि पर सवाल उठा रहे हैं. कुछ का कहना है कि पुलिस से अब डर लग रहा है. इन सबके बीच एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है.

इस पोस्टर में एक बच्चे की भाषा में पुलिस से गुहार लगाई गई है. पोस्टर में सबसे ऊपर लिखा है विवेक तिवारी अमर रहें. इसके बाद लिखा है पुलिस अंकल, आप गाड़ी रोकेंगे तो पापा रुक जाएंगे. प्लीज गोली मत मारियेगा. शेयर की गई तस्वीरों में ये  पोस्टर गाड़ियों के शीशे पर लगे दिख रहे हैं.

उधर विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में लखनऊ पुलिस अब दूसरी एफआईआर पुलिस दर्ज करेगी. एडीजी लखनऊ जोन के अनुसार पीड़ित परिवार की तहरीर पर ये एफआईआर दर्ज होगी. बता दें पहली तहरीर चश्मदीद सना की तरफ से दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के मुताबिक एक अपराध में दो एफआईआर दर्ज हो सकती हैं.

गाड़ियों पर दिख रहा पोस्टर

गाड़ियों पर लगे पोस्टर

उन्होंने बताया कि आईजी रेंज की अगुवाई में एसआईटी और एफएसएल टीम ने काम शुरू कर दिया है. वहीं भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए भी सख़्त निर्देश दिए जा रहे हैं. घटना करने, छिपाने वालों पर भी कार्रवाई होगी.

एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि घटना बहुत गंभीर है क्योंकि हमारे ही दो लोगों ने इसे किया. शाम तक दोनों आरोपियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. वह और उनके अधिकारी पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं. वहीं एसआईटी और एफएसएल टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है. जो भी कार्रवाई है वह कानून सम्मत की जाएगी. वहीं भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं.

राजीव कृष्ण ने कहा कि आज परिवार ने सुरक्षा मांगी है, जो उन्हें मुहैया कराई जाएगी. परिवार से तहरीर मिलते ही उनके परिवार की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. प्रथम सूचना सना की तरफ से मिली इसलिए पहली एफआईआर उसकी तरफ से दर्ज की गई है.

सिपाही के पास हथियार होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर को सभी हथियारों की ट्रेनिंग दी जाती है. छोटे हथियार कम हैं इसलिए अधिकारियों को दिए जाते हैं. हथियार का इस्तेमाल और गलत इस्तेमाल की गाइडलाइंस साफ हैं. इस दौरान एडीजी ने माना कि परिवार को तत्काल सूचना पुलिस ने नहीं दी. साथ् ही सफाई दी कि पुलिस के किसी भी अधिकारी का मंतव्य किसी को बचाना नहीं था.

एडीजी जोन ने कहा कि ऐसी घटना में सफाई नहीं दी जा सकती है. घटना के बाद थाने पर सिपाही का पहुंचना गंभीर लापरवाही है. कोई भी घटना में, घटना छिपाने में शामिल होगा उसपर कार्रवाई होगी. साथ ही उन्होंने बताया कि थानेदार अब सिपाहियों का सम्मेलन करेंगे.