बोली न्यायपालिका तो हिली कार्यपालिका, SC जजों की पीसी पर PM ने कानून मंत्री को बुलाया

12 जनवरी 2018 की तारीख भारतीय इतिहास के पन्नों में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गई है. आज पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जज मीडिया के सामने आए. एकसाथ सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस के खिलाफ बंद अल्फाजों में बगावत कर दी.
सुप्रीम कोर्ट में दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है. सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है, और अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी.
जाहिर है, 4 सिटिंग जज न्यायपालिका की खामियों की शिकायत लेकर मीडिया के सामने आए तो कार्यपालिका में हड़कंप मच गया. जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुंरत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और राज्य मंत्री पीपी चौधरी को तलब किया.
माना ये जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती है. इसके साथ ही वो विपक्ष को हंगामा खड़ा करने का भी कोई मौका नहीं देना चाहती है. इसी वजह से कानून मंत्री को बुलाकर पीएम जरूरी दिशा-निर्देश देंगे.