मायानगरी

भल्लालदेव के पिता बिज्जालदेव कभी करते थे ऐसा काम, जानकर रह जाएंगे हैरान !

फ़िल्में देखना आख़िर किसे पसंद नहीं होता है। कुछ लोग तो फ़िल्मों के इतने शौक़ीन होते हैं कि वह फ़िल्म देखने के चक्कर में अपना काम तक करना भूल जाते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिंगे देखकर ऐसा लगता है कि अगर ये फ़िल्में ना देखें तो शायद ये जी ही नहीं पाए। बॉलीवुड हो या दक्षिण भारत, दोनो ही जगहों पर एक साल में सैकड़ों फ़िल्में बनती हैं। इनमें से कुछ बहुत अच्छी होती हैं तो वहीं कुछ बहुत ही बेकार होती हैं।

किए थे सफलता के नए कीर्तिमान क़ायम:

कुछ ऐसी भी फ़िल्में होती हैं जो दर्शकों के मन पर अपना असर इस तरह छोड़ती हैं कि दर्शक उस फ़िल्म को भूल ही नहीं पाता है। ऐसी ही एक फ़िल्म है बाहुबली और बाहुबली 2। इस फ़िल्म को दर्शक चाहकर भी नहीं भूल पाएँगे। एस. एस. राजमौली की इस फ़िल्म को सभी लोगों ने ख़ूब पसंद किया था। फ़िल्म में महेंद्र बाहुबली के किरदार से लेकर बिज्जालदेव के किरदार को भी लोगों ने ख़ूब पसंद किया था। इस फ़िल्म फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस पर सफलता के कई नए कीर्तिमान भी क़ायम किए थे। लोगों ने भल्लालदेव के पिता बिज्जालदेव के रोल को भी ख़ूब पसंद किया था।

कर चुके हैं 200 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम:

आपको बता दें बाहुबली में बिज्जालदेव का किरदार दक्षिण भारत के मशहूर अभिनेता नस्सार ने निभाया था। बिज्जालएवं के किरदार ने फ़िल्म में सबसे बड़ा ट्विस्ट पैदा किया था। आज हम आपको बिज्जालदेव यानी नस्सार के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो यक़ीनन आप पहले से नहीं जानते होंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें बिज्जालदेव का किरदार निभाने वाले नस्सार का पूरा नाम एम. नस्सार है। ये दक्षिण भारत के मशहूर अभिनेता, गायक और निर्देशक हैं। इन्होंने अपने फ़िल्मी कैरियर में अब तक लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया है। लेकिन नस्सार को सबसे ज़्यादा पहचान बाहुबली में बिज्जालदेव के बाद मिली। इस फ़िल्म में के बाद नस्सार को पूरा देश जान गया।

शुरुआती समय में किया था होटल में वेटर का काम:

आज हर कोई नस्सार की तारीफ़ों के पुल बाँधता है। कई लोग नस्सार की तरह बनना भी चाहते हैं। हर कोई नस्सार की तरह शोहरत भी पाना चाहता है। लेकिन नस्सार को भी ये सब आसानी से नहीं मिला है। इसके लिए उन्होंने जीवन में काफ़ी संघर्ष किया है। अपने शुरुआती दिनों में नस्सार को कठिनाइयों से होकर गुज़रना पड़ा था। एक समय ऐसा भी था जब नस्सार को अपना जीवन चलाने के लिए और छोटी-मोटी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक फ़ाइव स्टार होटल में वेटर का काम भी करना पड़ा था। केवल यही नहीं नस्सार ने शुरुआत में सिक्योरिटी गार्ड की भी नौकरी की थी।

उस समय नस्सार फ़िल्म इंडस्ट्री में नए थे। उन्हें कोई नहीं जानता था। वो अपना पैर ज़माने की कोशिश में लगे हुए थे। पहली बार नस्सार को 1985 में बालाचंदर की एक फ़िल्म में काम मिला। फ़िल्म में नस्सार का रोल सपोर्टिंग ऐक्टर का था। लेकिन अपनी लगन और मेहनत की वजह से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी ख़ास जगह बना ली। आपने नस्सार को ज़्यादातर फ़िल्मों में नकारात्मक भूमिका निभाते हुए देखा होगा। इसके बाद भी लोगों ने इनके हर किरदार को ख़ूब पसंद किया। नस्सार का जीवन संघर्ष लोगों के लिए प्रेरणदायक हो सकता है।

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