योगी की खिचड़ी के बिना नहीं शुरु होता ये ‘नेपाली’ मेला

यूपी के गोरखपुर जिले की दो पहचान मशहूर हैं. पहली पहचान है यहां का गुरु गोरखनाथ मंदिर, और दूसरी पहचान हैं मंदिर के महंत व सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. सीएम योगी का का गुरु गोरखनाथ मंदिर से गजब का लगाव है. इसी तरह का लगाव गुरु गोरखनाथ का नेपाल की खिचड़ी से माना जाता है जिसकी झलक मकर संक्रांति के मौके पर हर साल देखने को मिलती है.
दरअसल हर साल मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेला लगता है. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नेपाल से इस मंदिर आते हैं और खिचड़ी चढ़ाकर बाबा गोरखनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं. मेले की शुरुआत परंपरानुसार वर्तमान मुख्यमंत्री और महंत योगी आदित्यनाथ के द्वारा गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के साथ होती आई है और इस बार भी ऐसे ही होगी.
दरअसल गुरु गोरखनाथ ने नेपाल में ही अपनी धूनी रमाई थी. नेपाल में बहुत से लोग गुरु गोरखनाथ के संपर्क में आए और उनके अनुयायी बने. तभी जिस क्षेत्र में गुरु गोरखनाथ ने निवास किया था, वहां के लोगों को ‘गोरखा’ कहा जाता है. महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राष्ट्र गुरु के रूप में भी पूजे जाते हैं. यही कारण है कि गुरु गोरखनाथ के गोरखपुर मंदिर में आने के बावजूद नेपाल के राज नेता और अफसर मेले में हिस्सेदारी करने यहां आते हैं.
इस खिचड़ी मेले की शुरुआत 14 जनवरी से होगी. महीने भर चलने वाले इस आयोजन में नेपाली श्रद्धालुओं को गोरखनाथ मंदिर तक आसानी से पहुंचाने के लिए महाराजगंज से नौतनवा से मेला स्पेशल ट्रेन और बसें चलाई जाती हैं. इस बार 3 मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं.