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कर्ज के जाल में ऐसा फंसा एक बड़ा कारोबारी, जान देने के अलावा न बचा कोई दूसरा रास्ता

आखिरकार वो बात सच साबित हुई, जिसकी आशंका थी. कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने खुदकुशी कर ली है. उनका शव बुधवार को नेत्रवती नदी किनारे पर मिला है. भारत में कॉफी रेस्तरां के सबसे बड़े चेन ‘कैफे कॉफी डे’ के संस्थापक और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस. एम. कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ को दक्षिण कन्नड़ जिले के कोटेपुरा इलाके में नेत्रावती नदी के पुल के पास आखिरी बार सोमवार रात देखा गया था.

29 जुलाई को वीजी सिद्धार्थ बेंगलुरु से यह कहते हुए निकले थे कि वह सकलेशपुर जा रहे है, लेकिन रास्ते में अपने ड्राइवर से मंगलुरु जाने के लिए कहा. सिद्धार्थ मंगलुरु आ रहे थे. शाम 6.30 बजे बीच रास्ते में नेत्रावती नदी के पुल पर पहुंचकर सिद्धार्थ कार से नीचे उतरे और अपने ड्राइवर को जाने के लिए कहा. इसके बाद उन्होंने नदी में छलांग लगा गी.

बताया जा रहा है, कैफे कॉफी डे पर करीब सात हजार करोड़ का लोन है. पुलिस को शक है, लोन के कारण सिद्धार्थ ने सुसाइड कर लिया. लापता होने से पहले सिद्धार्थ ने अपने सीएफओ से 56 सेकेंड के लिए बात की थी. उन्होंने CFO को कंपनी का ख्याल रखने के लिए कहा था. जिस वक्त वह अपने CFO से फोन पर बात कर रहे थे, तो काफी निराश थे. CFO से बात करने के बाद उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया था.

इसके साथ ही उनकी एक चिट्ठी भी सामने आई है. इस चिट्ठी में सिद्धार्थ ने लिखा था, मैंने बहुत संघर्ष किया लेकिन एक इक्विटी पार्टनर के दबाव को और बर्दाश्त नहीं कर सकता. वह मुझ पर लगातार शेयर बायबैक करने के लिए दबाव बना रहे हैं, जो ट्रांजेक्शन मैंने आंशिक रूप से 6 महीने पहले एक दोस्त के साथ पूंजी इकट्ठा करने के लिए किया था. सिद्धार्थ ने अपने निवेशकों से माफी मांगते हुए सरेंडर करने की बात लिखी है.

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