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करण जौहर को बचपन में मिलता था लड़की होने का ताना, ‘पुरुष‘ बनने के लिए पिता से छुपाकर किया था ये काम

बॉलीवुड के फेमस निर्देशक करण जौहर को आज कौन नहीं जानता है. करण ने बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों का निर्माण किया है| वह भारत और विश्व के सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले फिल्मो का उत्पादन करने के लिये प्रसिद्ध है। फिल्म निर्देशकों की पहचान को नया आयाम देने वाले करण का निजी जीवन चर्चा का विषय रहा है। उनके निजी जीवन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं। अपने उठने-बैठने और बोलने के तरीके के कारण वे मजाक का पात्र बनते रहे हैं, पर करण इससे आहत नहीं होते। करण के व्यक्तित्व की खासियत है कि वे खुद पर हंसने से भी नहीं हिचकते।

उन्होंने हाल ही में एक कार्यकम में अपनी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें शेयर की हैं. यहां बात करते हुए करण ने अपनी लाइफ से जुड़े कई ऐसे किस्से शेयर किए जिनसे सभी अंजान थे|दरअसल इवेंट के दौरान उन्होंने कहा, बच्चे मेरा मजाक उड़ाते थे, सब कहते थे कि मैं लड़कियों की तरह चलता हूं और वैसे ही रोता भी हूं. उन्होंने आगे कहा कि आदमी बनने के लिए मैंने 3 साल ट्रेनिंग ली. पापा से झूठ बोल कर मैं ट्रेनिंग लेने जाता था. करण की जिंदगी में एक समय ऐसा भी आया था, जब आवाज की वजह से उन्हें लोगों के ताने सुनने पड़ते थे.

करण ने आगे बताया कि, मैं ये सुनते हुए बड़ा हुआ कि लड़कियों जैसे मत चलो, उनकी तरह डांस मत करो. कई बार तो लोग मुझे ताना मारकर कहते थे कि तुम्हारी आवाज लड़कियों जैसी है. लोगों के ताने सुनकर मैं इतना परेशान हो गया था कि मात्र 15 साल की उम्र में अपना इलाज कराने डॉक्टर के पास चला गया था. मैंने स्पीच थेरेपिस्ट से मेरी आवाज बदल दो. इसके लिए मैंने ट्रेनिंग ली और 3 साल तक आवाज चेंज करने की प्रैक्टिस की.

मैं ट्रेनिंग लेने पापा से झूठ बोलकर जाता था. मैं उनसे कहता था कि मैं ट्यूशन पढ़ने जा रहा हूं. क्योंकि मैं उन्हें ये नहीं बता सकता था कि मैं आदमी बनने जा रहा हूं. चौंकाने वाली बात तो यह है कि 8 साल की उम्र में करण ने फिल्म देखना शुरू कर दिया था. करण ने पहली बार फिल्म देखने वाली बात पर चर्चा करते हुए कहा कि मैंने 8 साल की उम्र में ‘सरगम’ फिल्म देखी थी. फिल्म का ढपली वाले ढपली बजा, गाना मुझे बहुत पसंद आया था और घर पर इस गाने की प्रैक्टिस भी करता था लेकिन ऋषि कपूर वाला पार्ट नहीं बल्कि जया प्रदा जी वाला और इसके लिए कभी भी मेरे पेरेंट्स ने मुझे रोका टोका नहीं |

करण ने बताया कि, वे जब भी अपने घर से बाहर निकलते थे तो बिल्डिंग में रहने वाले बच्चे उनका मजाक उड़ाते थे तो वही स्कूल में सीनियर्स भी उन्हें खूब चिढाते थे जिस वजह से उन्होंने स्कूल में स्पोर्ट्स में भाग लेना भी बंद कर दिया क्योंकि उनके चलने और दौड़ने पर सब उनपर हँसते थे |उन्होंने बताया की उनके  हाथ-पैर अन्य लड़कों की तरह नहीं थे और जब भी  वे   बोलते थे  तो लोग उनकी  आवाज पर हंसते थे लेकिन इन  सबके बावजूद  उनके पेरेंट्स का व्यवहार उनके लिए एकदम कूल था|उन्हें कभी नहीं लगा मैं कुछ अजीब कर रहा हूं.

गौरतलब है की करण जौहर ने अभी तक शादी नहीं की है लेकिन सरोगेसी की  तकनीक के माध्यम से करण 2 जुड़वाँ बच्चो के पिता बने हैं, जिसमे एक लड़का जिसका नाम यश जो की उनके पिता का नाम है और लड़की का नाम रूही है जो की उनकी माँ के नाम हीरू से प्रेरित है और आज वे एक अच्छे पिता बनकर अपने दोनों बच्चो का पालन पोषण कर रहे है और बेहद खुश भी है |

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