JNU विवाद में कन्हैया का PM पर हमला, बोले- मोदी सरकार का काम है ‘फीस बढ़ाओ, और…

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जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने सरकार पर हमला किया है. बुधवार सुबह बेगूसराय स्थित अपने आवास पर कन्हैया ने कहा कि जेएनयू में फीस बढ़ाकर और लोन लेकर पढ़ने का मॉडल सामने रखकर सरकार ने फिर साफ कर दिया है कि विकास की उसकी परिभाषा में गांव-कस्बों के लोग शामिल नहीं हैं.

कन्हैया कुमार ने कहा, जिन किसान-मजदूरों के टैक्स के पैसे से विश्वविद्यालय बना, उनके ही बच्चों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा तो देश का युवा चुप नहीं बैठेगा. आज अगर खामोश रहे तो कल सन्नाटा छा जाएगा‌.  उन्होंने कहा, शिक्षा के जेएनयू मॉडल पर लगातार हमला इसलिए किया जा रहा है, ताकि जिओ यूनिवर्सिटी के मॉडल को देश में स्थापित किया जा सकेे‌.

कन्हैया ने कहा, जेएनयू में मामला पैसे का नहीं, बल्कि गरीब किसान-मजदूरों के बच्चों को कैंपस से दूर रखने की साजिश का है‌. सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया और काम किया ‘फीस बढ़ाओ, बेटी हटाओ’ का‌. जिस जेएनयू में लगातार कई सालों से लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक रही है, वहां फीस बढ़ने से कितनी लड़कियों के बेहतर कल के सपने चकनाचूर हो गए हैं.

उन्होंने कहा, इसके बावजूद जेएनयू में 40 प्रतिशत विद्यार्थी उन परिवारों से आते हैं जिनकी मासिक आय 12 हजार से कम है‌. सरकार फीस बढ़ाकर इन तबकों से आने वाले विद्यार्थियों के हौसले तोड़ देना चाहती है‌. सत्ता में काबिज ताकतों ने हमेशा से वंचित लोगों को ज्ञान से दूर रखने के लिए षड़यंत्र रचे हैं. आज जेएनयू को बचाने का संघर्ष किसी एक विश्वविद्यालय को बचाने का संघर्ष नहीं है, बल्कि यह समानता और न्याय के उन मूल्यों को बचाने का संघर्ष है जिनकी बुनियाद पर हमारे लोकतंत्र की स्थापना की गई है.