तीन साल तक बेटी को रौंदता रहा बाप, सजा मिली तीन-तीन आजीवन कारावास

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नीम . मध्यप्रदेश के नीमच की जावद स्थित अपर सत्र न्यायालय द्वारा जिले के रतनागढ़ थाना क्षेत्र के एक मामले में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपित सौतेले पिता को दोषी ठहराते हुए तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है. यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसौदिया ने शुक्रवार को सुनाया है. साथ ही आरोपित सौतेले पिता को 15 हजार रुपये के अर्थदण्ड से भी दंडित किया गया है.

कोर्ट ने दुष्कर्मी लालूराम पिता ओंकार भील, (45 वर्ष), निवासी-ग्राम नैराल, तहसील सिंगोली, नीमच को धारा 376(2)(एफ) और 376(2)(एन) भादवि में तथा धारा 5(जे)(2)/6 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) में तिहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई है . मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी जिला जिला लोक अभियोजन अधिकारी जगदीश चौहान ने की.

पैरवीकर्ता अधिकारी जगदीश चौहान ने बताया कि घटना 23 नवम्बर 2016 को जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डीकेन में हुई. पीडि़त 16 वर्षीया नाबालिग के साथ करीब तीन साल तक सौतेले पिता ने बलपूर्वक दुष्कर्म किया था . इस मामले में पीडि़त युवती की शिकायत पर राजस्थान की झालावाड़ पुलिस ने आरोपित सौतेले पिता के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था और अनुसंधान के बाद मामले को रतनगढ़ थाना पुलिस को भेज दिया था .

पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर अनुसंधान के उपरांत न्यायालय के समक्ष पेश किया था . अभियोजन पक्ष व गवाहों को सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद न्यायालय में आरोपित का अपराध प्रमाणित हुआ. अभियोजन ने तर्क दिया कि आरोपित ने तीन साल तक दुष्कर्म कर पिता-पुत्री के रिश्ते को शर्मसार किया है. इसलिए आरोपित को कठोर से कठोर दंड दिया जाए. इस पर अपर सत्र न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसौदिया ने आरोपित सौतेले पिता को दोषी ठहराते हुए तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई . साथ 15 हजार रुपये के अर्थदण्ड से भी दंडित किया गया.