जरा हट के

Jokes : पत्नी के साथ टीवी देख रहा था कवि, तभी आया प्रेमिका का मिस कॉल

जोक्स का असर किसी दवा से कम नहीं होता. जो लोग परेशान या फिर बीमार होते हैं उन लोगों के लिए जोक्स किसी मेडिसिन की तरह काम करता है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही मजेदार जोक्स पढ़ाने जा रहे हैं जो सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड में हैं. हम दावा करते हैं कि इन जोक्स को पढ़कर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे. तो देर किस बात की है, चलिए शुरू करते हैं हंसने-हंसाने का ये सिलसिला.

ओझा- बच्चा तेरी बीवी से चुड़ैल चिपक गई है, कोई उपाय करवा..
बिटू- बाबा, अगर दो बहने गले मिल रही हैं तो इसमें हर्ज क्या है…!

नन्‍ही सोनू (दादी से)- क्या आप एक्टिंग भी करती हैं?
दादी (सोनू से)- नहीं तो, लेकिन क्यों?
टीना- सुबह मां पिताजी से कह रही थीं कि यदि आप यहां रहीं तो ड्रामा तो जरूर होगा.

बेटी- हमारे कॉलेज के सर बड़े ही हैंडसम और इंटेलिजेंट हैं,

मुझे वो बहुत ही अच्छे लगते हैं

मां- शिक्षक या गुरू बाप के बराबर होते हैं बेटी

बेटी- मां तुम हमेशा अपने ही बारे में सोचती हो, कभी मेरे बारे में भी तो सोचो

सरकारी अस्पताल:

मरीज- उफ! ऐसी बीमारी से तो मर जाना अच्छा है

डॉक्टर- हम पूरी कोशिश कर तो रहे हैं!!

एक पंडित के पास एक तोता था…

वह रोज एक आदमी को देखता और बोलता ओए कुत्ते.

एक दिन उस आदमी ने पंडित से तोते की शिकायत कर दी.

पंडित ने तोते को बहुत मारा.

अगले दिन जब आदमी तोता के करीब से गुजरा तो तोता कुछ नहीं बोला.

थोड़ा आगे जाकर आदमी ने मुड़कर देखा तो तोता हंसते हुए

बोला, “समझ तो तू गया ही होगा”.

टीचर (संजू से)- तुम बड़े होकर क्या बनोगे?

संजू- मैडम, मैं बड़ा होकर सी ए बनूंगा.

सभी महानगरों मे मेरा बिजनेस चलेगा, हमेशा हवाई यात्रा करूंगा.

हमेशा 5 स्टार होटल मे ठहरूंगा, हमेशा 10 नौकर मेरे आसपास रहेंगे.

मेरे पास सबसे महंगी कार होगी..

टीचर- बस संजू बस! बच्चों आप सब को इतना लंबा जवाब देने

की आवश्यकता नहीं, सिर्फ एक लाइन मे जवाब देना है

अच्छा पिंकी तुम बताओ तुम बड़ी होकर क्या बनोगी?

पिंकी- संजू की पत्नी

पप्पू अपने ड्राइवर से- तुम्हें पता है तुमने इस ट्रक के पीछे क्या लिखा है?

ड्राईवर- कृपया हॉर्न दीजिये

पप्पू- अजीब आदमी है, अबे हॉर्न दे देंगे तो बजायेंगे क्या?

परीक्षा में पप्पू कॉपी पर फूल बना रहा था.

टीचर- यह क्या कर रहे हो? फूल क्यों बना रहे हो?

पप्पू- सर, यह फूल मेरी याद्दाश्त को समर्पित है, जो अभी-अभी गुजर गई

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