जरा हट के

जोक्स : आंख के ऑपरेशन से पहले डॉक्टर से बोली लड़की- प्लीज, मेरे बॉयफ्रेंड को…

यह आवश्यक है कि आज के तनाव पूर्ण जीवन में सफल होने के लिये अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य अर्जित किया जाय। तनाव आज के जीवन का अनिवार्य अंग बन गया है, उसको सहन करने के लिये शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक स्तर पर स्वस्थ व सक्षम होना आवश्यक है। सफल व्यक्ति जीवन के तनावों का सफलता पूर्वक सामना करते हुये लगातार परिश्रम करते हुये सफलता के उच्चस्तर को अर्जित करते हैं तथा तनावों के बीच भी सदैव प्रसन्न रहते हैं।


जोक्स मात्र वो एक ऐसे चीज़ होती है जो हम सभी के चेहरों पर हंसी बिखेरने का काम करते हैइसके साथ ही आज हम आपको हंसाने के लिए एक बार फिर से कुछ मजेदार जोक्स लेकर आये है जिन्हें पढने के बाद यकीनन आपकी भी हंसी नहीं रुकेगी |तो आइये शुरू करते है हंसने हंसाने का ये सिलसिला…

1.मैडम (स्कूल मे) – ओय इधर आ….. कुछ काम है
लड़का (गुस्से से????) – मैडम आप प्लीज़ मुझे मेरे नाम से बुलाया करें
मैडम – अच्छा…. क्या नाम है तुम्हारा, लड़का – प्राणनाथ
मैडम – ये नाम रहने दो ????….., घर पर तुम्हे सब किस नाम से बुलाते हैं।
लड़का – बालम ???? मैडम – ओ हो….. मुहल्ले वाला नाम बताओ????
लड़का (शर्माते हुये) – साजन कहते है सब मुझे
मैडम – छोड़ो ये सब, मैं तुम्हें तुम्हारे सर नेम से बुलाऊंगी, सर नेम क्या है बताओ। लड़का – स्वामी, मैडम बेहोश….

2. मुझे एक बार प्यार हुआ था तो मैने आखिर एक
सुन्दर सी लड़की को कह ही दिया ,I am in Love with U totally….

इसके बाद उसने जो कहा वो सुनकर,कसम से यारो मुझे अपने भाग्य पर से भरोसा उठ गया…
वो लड़की बोली :-टू टोटलो, टेलो बाप टोटलो, टेली मां टोटली, टेला पुला थानडान टोटलो ! थाला कुट्टा, मेले को टोटली बोला।

3.भक्त – “बाबा मेरी शादी नहीं हो रही.!”
निर्मल बाबा – “तस्वीर किसकी रखते हो जेब में?”भक्त – “नरेन्द्र मोदी की.!”
निर्मल बाबा –वहीँ कृपा रुकी हुई है,दिग्विजय सिंह की तस्वीर रखा करो जेब में ! बुढ़ापे तक शादी होती रहेगी।

4.बेटी मां से बोली – हमारे कॉलेज के सर बड़े ही हेंडसम और इंटेलिजेंट है,
मुझे वे बहुत ही अच्छे लगते हैं, मां बोली – शिक्षक या गुरु बाप के समान होते हैं बेटी,
बेटी बोली – मां तुम हमेशा अपने ही बारे में सोचती हो, कभी मेरे बारे में भी तो सोचो


5.प्रेमी (प्रेमिका से) – रिप्लाई क्यों नहीं करती? प्रेमिका – जानू हाथ में मेहंदी लगाई है, तो रिप्लाई कैसे करती?
प्रेमी – अच्छा मैं अभी तेरे घर के बगल से पार हुआ था, मैंने तो तुझे रसोई में देखा था,
सच क्यों नहीं बोलती की जली हुई कढ़ाई को ईंट से रगड़ कर साफ कर रही थी,

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