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फर्जी है जितिन प्रसाद के भाजपा में जाने की खबर, सबूत हम आपको दिखाते हैं

शुक्रवार सुबह से उत्तर प्रदेश के सियासी हलकों में एक खबर तैर रही है. खबर ये कि कांग्रेस के युवा नेता और राहुल गांधी की यंग ब्रिगेड के सदस्य जितिन प्रसाद पार्टी छोड़ सकते हैं. कुछ नामी न्यूज चैनल्स की वेबसाइट्स ने तो ये दावा तक कर दिया कि जितिन शुक्रवार शाम चार बजे बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. लेकिन हम अपने पाठकों को बता देते हैं कि ये खबर गलत है, कोरी अफवाह है.

पहले तो ये जान लीजिए कि जितिन के पार्टी बदलने के पीछे तर्क क्या दिया जा रहा था. कहा जा रहा है कि जितिन की लोकसभा सीट धौरहरा से बदलकर लखनऊ कर दी गयी थी, जिसके लिए वो राजी नहीं हैं  यही नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया की की तरह उन्हें कोई महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी भी नहीं दी गयी थी. खबरों के मुताबिक टिकट और चुनाव को लेकर कई तरह की सिफारिशें उन्होंने पार्टी आलाकमान से की थी लेकिन उनकी किसी बात को नहीं माना गया.

लेकिन ये सब गलत हैं, बेबुनियाद हैं. इसका सबूत है जितिन प्रसाद का ये ट्वीट-

दोपहर 12 बजे के करीब किए गए इस ट्वीट में एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए जितिन ने लिखा कि, बीजेपी  के कारण रोजगार की जो भयावह समस्या देश में व्याप्त है वह उत्तर प्रदेश में और भी गहरी है| कांग्रेस इसको दूर करने हेतु संघर्षरत है, हम यह संघर्ष और तेज करेंगे| आपके स्वास्थ्य सेवा संदर्भित विचारों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है|

जाहिर है, अगर जितिन का पाला बदलने का कोई इरादा होता, तो वो आज ही के दिन बीजेपी के विरोध में ऐसा कोई ट्वीट न करते. इसके अलावा जनमन टीवी ने जितिन प्रसाद की इलेक्शन टीम के एक खास सदस्य से भी बात की, जिन्होंने इस खबर को कोरी अफवाह करार दिया है.

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