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370: देश का रिएक्शन देखने से ज्यादा जरूरी है ये देखना कि कश्मीर कैसे रिएक्ट कर रहा ?

धारा 370 खत्म की गयी, स्वागतयोग्य निर्णय  है, जम्मू – कश्मीर के दो टुकड़े कर स्टेटहुड खत्म करने का औचित्य समझ से परे ?.. पूरे देश से आ रहीं जश्न की तस्वीरें और विजुअल्स टीवी चैनलों पर दिखाईं जा रही हैं लेकिन कश्मीर कैसे रिएक्ट कर रहा इसका कोई जिक्र नहीं कर रहा, वहाँ अघोषित आपातकाल सख्ती से लागू है, पूरी सेंसरशीप है…

कश्मीर पर लिए गए इतने बड़े निर्णय पर कश्मीर की अवाम को विश्वास में नहीं लिया जाना ही साबित करता है कि मोदी – शाह हुकूमत भी मानती है कि कश्मीर की अधिसंख्य आबादी खुद को भारत का हिस्सा व् इस बड़े फैसले को स्वेच्छा से स्वीकार करने को तैयार नहीं है… ऐसे में राजद के राज्यसभा सांसद  मनोज झा के द्वारा जाहिर आशंका “आनेवाले दिनों में कहीं कश्मीर दूसरा फिलिस्तीन न बन जाए” को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता…

निःसंदेह मोदी – शाह हुकूमत ने ऐतिहासिक फैसला लिया है और कामना व् उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कश्मीर में दशकों से जारी  हिंसा पर रोक लगाने के सार्थक प्रयास होंगे और आजादी के बाद से कश्मीर पर जारी रूटीन राजनीति को दरकिनार कर मोदी-शाह सरकार कश्मीर व् आम कश्मीरी को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रति खुद को गंभीर साबित करेगी… आमीन….

ये लेख स्वतंत्र लेखक आलोक कुमार के फेसबुक पेज से साभार लिया गया है। ये लेखक के निजी विचार हैं।

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