कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, विपक्ष के इस नेता को मिली जाने की इजाजत

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आज सुप्रीम कोर्ट इससे जुड़ी करीब 10 याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. कुछ याचिकाएं आर्टिकल 370 को हटाने के खिलाफ है. कुछ जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के खिलाफ, जबकि कुछ अभी तक घाटी में जारी पाबंदियों के खिलाफ दायर की गई हैं. याचिका दायर करने वाले लोगों में मोहम्मद अकबर लोन, जस्टिस (रिटायर्ड) हसन मसूदी, शाह फैसल, शेहला रशीद, सीताराम येचुरी प्रमुख हैं.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच में इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. इस बीच पहली बड़ी खबर ये है कि अदालत ने वामपंथी नेता सीताराम येचुरी को कश्मीर जाने की इजाजत दे दी है. येचुरी को जम्मू एवं कश्मीर में पार्टी कार्यकर्ता से मिलने की अनुमति दी गई है. यह जानकारी सीपीआई (एम) ने ट्वीट करके दी थी.

येचुरी ने अपने विधायक एमवाई तरिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी.  इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम आपको आपके दोस्त से मिलने की इजाजत देंगे, लेकिन इस दौरान आप कुछ और काम नहीं कर पाएंगे. चीफ जस्टिस ने कहा कि सरकार उन्हें क्यों रोक रही है? वह देश के नागरिक हैं अगर अपने दोस्त से मिलना चाहते हैं,  तो मिल सकते हैं. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के डी राजा इससे पहले जब जम्मू-कश्मीर गए थे तो उन्हें एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था.

बता दें कि मोदी सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेटस देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 को हटा दिया था. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केन्द्र शासित राज्य बनाने के बाद कई संगठन, नेता और ग्रुप सरकार के इस फैसले के खिलाफ हैं.  सभी याचिकाकर्ताओं के मुद्दे अलग-अलग हैं.