कर्नाटक में बीजेपी ने खोला मोर्चा, सिद्धारमैया के ‘हिंदू टेरर’ बयान के विरोध में जेल भरो आंदोलन

बंगलुरू: गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भगवा का परचम लहराने के बाद अब बीजेपी ने आगामी चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं. इस साल 8 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में बीजेपी ने अपने विरोधी पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में कर्नाटक में होेने वाले विस चुनाव से पहले ही बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आरएसएस और बीजेेपी कार्यकर्ताओं को उग्रवादी हिंदू कहने पर बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुरूवार को एक प्रेस वार्ता कर सिद्धारमैया के साथ-साथ कांग्रेस पर हमला बोला. संबित ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का हिंदुओं के प्रति रुख खुल कर सामने आ गया है. इसमें कुछ नया नहीं है.

पहले हिंदू आतंकवाद और अब उग्रावाद से कांग्रेस का पर्दाफाश

पात्रा ने कहा कि पहले भी कांग्रेस सरकार के दौरान हिंदू आतंकवाद की बात सामने लाई गई थी. अब एक बार फिर कर्नाटक में इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी जनेऊ पहनकर अस्थाई हिंदू बनने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस की सोच अब सामने आ रही है. पात्रा ने इस दौरान विकीलीक्स द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हिंदू टेरर वाले खुलासे का भी जिक्र किया.

जेल भरो आंदोलन!

आपको बता दें कि सिद्धारमैया के इस बयान के बाद बीजेपी फुल एक्शन मोड में आ गई है. राज्य की बीजेपी नेता शोभा करंदलजे ने ऐलान किया है कि बीजेपी कार्यकर्ता शुक्रवार को पूरे कर्नाटक में जेल भरो आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि हम सरकार से कहेंगे चूंकि हम बीजेपी और आरएसएस से हैं, इसलिए हमें गिरफ्तार कर लीजिए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमारे ऊपर बैन की बात करती है लेकिन उन्होंने खालिस्तान, उल्फा और लिट्टे का समर्थन किया है. मुख्यमंत्री को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए.

क्या बोले थे सिद्धारमैया…

बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल एक तरह के आतंकवादी हैं. जो भी समाज की शांति को भंग करते हैं उन्हें सरकार को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए. चाहे वो पीएफआई हो, एसडीपीआई हो या वीएचपी, आरएसएस. बाद में सिद्धारमैया ने कहा कि मेरा मतलब था कि बीजेपी और आरएसएस एक हिंदू उग्रवादी हैं.