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रक्षाबंधन पर भी “जय श्रीराम”-“जय बंगाल”, बाजारो में PM मोदी-ममता की राखी की धूम

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भाई-बहनों के पवित्र और प्यार के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन की तैयारियां जोरों पर है। इस बार यह त्योहार खास रहने वाला है। करीब 19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का एक साथ संयोग आया है। इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं होने के कारण सुबह से शाम तक बहनें राखी बांध सकती हैं। यदि राखी राशि के अनुसार बांधी जाए तो यह भाइयों के लिए और भी अधिक शुभकारी होता है।

इस संबंध में ज्योतिषाचार्य पं. देवेन्द्र शुल शास्त्री ने बताया कि रक्षाबंधन पर राशि के मुताबिक विभिन्न रंग वाली राखी बांधने से अधिक फलदायी होता है। रक्षाबंधन हर साल श्रावण महीने के पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई अपनी बहनों को उनकी रक्षा करने के लिए वचन देता है। यही पर्व भाई-बहन को हमेशा के लिए स्नेह के धागे से बांधती है।

इस बीच बताते चले  बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी  के बीच राजनीतिक संघर्ष चरम पर चल  है. लेकिन अब इसका असर अब रक्षाबंधन पर भी देखने को मिला बता दे रक्षाबंधन को लेकर पश्चिम बंगाल के बर्धवान में ममता और मोदी राखी की धूम है और इस राखी वॉर में भी लोग सिर्फ इन्हीं दोनों के नाम की राखी खरीदना पसंद कर रहे हैं। जिनकी फोटोज भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है।

रक्षाबंधन पर भी जय श्रीराम-जय बंगाल, बाजार में छाई मोदी-ममता राखी

मजे की बात तो ये है की बंगाल की सीएम ममता  के जय श्री राम के नारे पर भड़कने के बाद वहां राखी में भी यह लड़ाई नजर आ रही है। एक तरफ लोग बाज़ार में जय श्री राम वाली राखी खरीद रहे हैं तो वहीं ममता की पार्टी के समर्थक जय बांग्ला वाली राखी को पसंद कर रहे हैं।

रक्षाबंधन पर भी जय श्रीराम-जय बंगाल, बाजार में छाई मोदी-ममता राखी

सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक बताते चले बाज़ार में इन राखियों की कीमत की करें तो जहां साधारण राखियां बेहद कम दाम में बिक रही हैं. वहीं मोदी राखी और ममता राखी की कीमत 10 रुपये से लेकर 45 रुपये तक है।मोदी और ममता राखी की डिमांड को लेकर राखी बेचने वाले दुकानदार ने कहा कि बाजार में दोनों राखियों की अच्छी मांग है और लोग इसे खूब खरीद रहे हैं।

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