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देश के सबसे बुजुर्ग वोटर हमेशा सुनते हैं ‘मन की बात’, मतदान के लिए हुए खास इंतजाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने का एक भी मौका नहीं गंवाने वाले 102 वर्षीय श्याम सरन नेगी एक बार फिर से वोट डालने के लिए तैयार हैं. लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले श्याम चाहते हैं कि अन्य भारतीय भी मतदान का मौका न गंवाएं. राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने एसवीईईवी अभियान के लिए नेगी को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है.

मुख्य चुनाव अधिकारी गोपाल चंद ने बताया कि 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में मतदान करने हेतु उनकी ओर से लोगों के लिए एक अपील जल्द ही जारी की जाएगी. नेगी, राज्य की राजधानी से कुछ 275 किलोमीटर दूर किन्नौर जिले के कल्पा गांव में अपने सबसे छोटे बेटे चंद्र प्रकाश के साथ रहते हैं. 80 की उम्र में वर्ष 2014 में अपनी पत्नी को खो चुके नेगी ने कहा कि मतदान करना बहुत जरूरी है.

नेगी ने अपने बेटे प्रकाश के माध्यम से बताया, “मैं सभी मतदाताओं, विशेषकर युवा पीढ़ी से अपील करता हूं कि वे समय दें और एक ईमानदार व्यक्ति का चुनाव करें, जो हमारे देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सके.” नेगी एक जुलाई को 103 साल के हो जाएंगे. उन्हें इस उम्र में थोड़ा कम सुनाई देता है लेकिन उन्हें रेडियो सुनना पसंद है.

चुनाव अधिकारियों की एक टीम पिछले सप्ताह उनका हाल-चाल जानने के लिए उनसे मिली थी. 1975 में एक सरकारी स्कूल से कनिष्ठ शिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त हुए नेगी स्वतंत्र भारत की पहली लोकसभा में वोट देने वाले नागरिकों में शामिल हैं. उन्होंने 1951 में चिनि निर्वाचन क्षेत्र में मतदान किया था, जिसका बाद में किन्नौर नाम रख दिया गया. नेगी ने 1951 के बाद से प्रत्येक आम चुनाव, विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव में मतदान किया है. उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में भी वोट करने का संकल्प लिया है.

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