अभी और सुस्‍त होगी भारतीय इकोनॉमी, Moody’s ने घटाया ग्रोथ रेट का अनुमान ! 

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अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने वित्त वर्ष 2020 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को एक बार फिर से घटा दिया हैं। एजेंसी ने GDP ग्रोथ रेट के अनुमान को 5.8 फीसद से घटाकर 4.9 फीसद कर दिया है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2021 के लिए भी देश की ग्रोथ रेट का अनुमान घटाया है। मूडीज ने इसे 6.6 से घटाकर 6.3 फीसद कर दिया है।

मूडीज की इन्वेस्टर सर्विस ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स कटौती, किसान की आय को सपोर्ट करने और मौद्रिक नीति को सरल बनाने जैसे आर्थिक सुधार के उपायों से मांग बढ़ाने की दिशा में सीमित असर पड़ा है। इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को कहा कि भारत की कमजोर घरेलू खपत के कारण इकोनॉमिक ग्रोथ घटी है। साथ ही एजेंसी ने चेताया है कि सीमित ग्रोथ रेट राजकोषिय समेकन को प्रभावित करेगी।

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा, ‘इन्वेस्टमेंट को लेकर शुरू हुई सुस्ती से इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार मंद पड़ने लगी और अब ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के वित्तीय दबाव में होने और रोजगार में कमी के कारण खपत में भी कमी आ गई है।’

गौरतलब है कि जुलाई से सितंबर वाली दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ गिरकर 4.5 फीसद रह गई है। यह करीब 6 साल में किसी एक तिमाही की जीडीपी ग्रोथ में सबसे बड़ी गिरावट है। उससे पहले अप्रेल से जून महीने की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी रही थी।

भारत की जीडीपी लगातार 6 तिमाहियों से गिर रही है। हालांकि, बाजार को लगता है कि अर्थव्यवस्था ने अपने निचले स्तर को छू लिया है और अब इसमें सुधार ही होगा। रेटिंग एजेंसियों को उम्मीद है कि बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कुछ अहम घोषणाएं हो सकती हैं। आगामी आम बजट के 1 फरवरी को पेश होने की संभावना है।