अगर आपभी करना चाहते है ईश्वर के दर्शन, तो एक बार इन मंदिरो जरुर जाये…

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जब कभी भी इंसान किसी भी मुसीबत या किसी भी दुविधा में होता है तब वो हमेशा भगवान् को याद करता है और भगवान से प्रार्थना करता है की हे भगवान् आप उसको इस मुसीबत से निकाल दे या कोई रास्ता दिखाए जिससे हमारी मुसीबत कम हो जाए। लोगो का इसमें पूरा विश्वास है की प्रार्थना करने से उनकी समस्या ठीक हो जाती है।

हिन्दू धर्म ग्रंथो में कुछ विशेष मंदिरों के बारे में बताया गया है | कहते है की यदि कोई व्यक्ति इन मंदिरों  के दर्शन कर लेता है तो उसके लिए मोक्ष के दरवाजे स्वतः ही खुल जाते है |

आज हम आपको बताने जा रहे है भारत के सबसे प्रमुख मंदिरो के बारे में | ये मंदिर भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में प्रसिद्ध है | काफी वर्षो पहले एक वैष्णव संत आदिशंकराचार्य ने भारत के चारो कोनो में चार मठो की स्थापना की | जिन्हे वर्तमान में चार धाम कहा जाता है | 
पहला मठ भारत के उत्तर दिशा में है जो की उत्तराखंड में स्थित है जिसे बद्रीनाथ के नाम से जानते है | इसके आसपास बसे नगर को भी बद्रीनाथ ही कहा जाता है। यहाँ भगवान श्री विष्णु जी की पूजा बद्रीनाथ के रूप में की जाती है | यहाँ भगवान बद्रीनाथ की 1 मीटर की प्रतिमा है | ये प्रतिमा शालिग्राम पत्थर की है |
दूसरा मठ भारत के पूर्व में उड़ीसा में स्थित है | यहाँ पर भगवान विष्णु की पूजा भगवान जगन्नाथ के रूप में की जाती है यह भारत का सबसे बड़ा मंदिर है | यह पुरे भारत का सबसे चमत्कारी मंदिर है | इस मंदिर को देखने के लिए लाखो श्रद्धालु आते है लेकिन इन श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया प्रसाद सिर्फ आठ बड़े पात्रो में बनता है जो एक के ऊपर एक रखकर पकाया जाता है | लेकिन कभी भी कम नहीं पड़ता है और न है व्यर्थ जाता है | इसे गोवर्धन मठ कहा जाता है |
तीसरा मठ भारत के पश्चिम में गुजरात में स्थित है जिसे द्वारका के नाम से जाना जाता है | द्वारका देश में सात पूरी स्थानों में से एक है इसलिए इसे द्वारका पूरी कहते  है | इस स्थान पर ही भगवान श्री कृष्ण ने शासन किया था | इसे भगवान श्री कृष्ण की कर्मभूमि भी कहते  है | इसे शारदा मठ के नाम से भी जाना जाता है | यदि आप इस जगह के दर्शन करते है तो साक्षात् भगवान श्री कृष्ण के दर्शन हो जाते है |
चौथा मठ भारत के सबसे दक्षिण में स्थित है इसे वेदांत मठ के नाम से भी जाना जाता है | यह स्थल भी भारत के चार धामों में से एक है | हिन्दू धर्म ग्रंथो में मान्यता है की यदि आप इन स्थलों की यात्रा कर लेते है तो मोक्ष की प्राप्ति हो जायेगी | इन्हे पुरे भारत के मंदिरो का सिरमौर कहा जाता है | यहां पर आज भी गुरु परम्परा का पालन किया जाता है | यहाँ पर प्रधान गुरु को शंकराचार्य की उपाधि मिलती है | 
 
 
इन मंदिरो के बारे में मान्यता है की यदि आप इनके दर्शन कर लेते है तो उसे भगवान की प्राप्ति हो जाती है क्योंकि यहाँ ईश्वर स्वय विराजमान है |