पुलिस अगर निभाती अपनी ड्यूटी, तो ये लेक्चरर जान देने को मजबूर न होती

0
35

ओडिशा में, भौतिकी विषय की लेक्चरर (रेप पीड़िता) ने पुलिस की लापरवाही के चलते ख़ुदकुशी कर ली। महिला की आत्महत्या के बाद, पुलिस ने एक इंस्पेक्टर का तबादला कर दिया और ASI को निलंबित करते हुए मामले की कार्रवाई शुरू कर दी। झार्पोखरिया थाने के SI प्रशांत स्वाइन को जाँच में देरी के लिए निलंबित कर दिया गया है और उनका ट्रांसफर IIC शरत महली ज़िला मुख्यालय में कर दिया गया। पीड़िता, जो भौतिकी विषय की लेक्चरर थीं, वो रायरंगपुर कॉलेज में एक छात्रावास के कमरे में शनिवार (29 नवंबर) को करीब 8.30 बजे पंखे से फाँसी पर लटकी पाई गईं।

ख़बर के मुताबिक, ओडिशा के मयूरभंज ज़िले के पंधड़ा गाँव की रहने वाली महिला 26 अक्टूबर को काली पूजा मनाने के लिए अपनी भाभी और भाई के घर गई थी। उसी दौरान उनकी भाभी के भाई सौम्य रंजन साहू ने उनके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। इस बारे में जब उन्होंने अपनी भाभी को बताया तो उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखने को कहा।

लेकिन, आरोपित ने पीड़िता से सम्पर्क किया और कथित तौर पर घटना के दौरान दर्ज उनकी अश्लील तस्वीरें भेजीं, उन्हें डराया-धमकाया और इस बारे में किसी को कुछ न बताने को कहा, नहीं तो वो उनकी सारी तस्वीरें इंटरनेट पर अपलोड कर देगा। महिला ने 30 अक्टूबर को झार्पोखरिया पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा-376 और 506 के तहत FIR दर्ज की और पीड़िता को पीआरएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा। पीड़िता का बयान भी दर्ज किया गया, लेकिन एक महीने तक अपराधी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होने से आहत होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।

पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी के छात्रावास के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया था। घटना से आहत पीड़िता के पिता के अलावा कॉलेज के कुछ अन्य छात्रों ने शव को लगभग 12 घंटे तक पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। आंदोलनकारियों को रायरंगपुर टाउन IIC रंजन कुमार सेठी और SDPO स्नेहाशीष साहू द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया, इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।

चूँकि, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है, इसलिए एसपी ने कहा कि प्राथमिक अभियुक्तों को उनके अन्य दो साथियों, देवव्रत मंडल और सुजीत मंडल को कटक ज़िले के धनमंडल से गिरफ़्तार कर लिया गया है। देवव्रत और सुजीत ने कथित तौर पर पीड़िता को धमकी दी थी। पीड़िता के पिता द्वारा दायर शिक़ायत में 6 लोगों को आरोपित बताया गया है। पुलिस ने उनमें से तीन को पकड़ लिया है जबकि बाकी तीन को गिरफ़्तार किया जाना बाकी है।