मंगलवार विशेष : हनुमानजी का आज रखे व्रत, शर्तिया सफलता चूमेगी आपके कदम 

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भगवान शिव के 11 अवतारों मे से एक है हनुमानजी का अवतार है। माना जाता है कि श्री राम भक्त हनुमान जी ऐसे देवता हैं जो थोड़ी सी प्रार्थना और पूजा से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।  इस बार जेठ का पहला बड़ा मंगल आज 21 मई है। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि 19 मई से जेठ शुरू हो गया है और 21 मई को ज्येष्ठ मास की कृष्ण तृतीया से बड़े मंगल की शुरूआत हो गयी है। 
ज्योतिषाचार्य के अनुसार आपको बताते चले  आज चन्द्रमा धनु राशि में रहेगा, जो मंगल की मित्र राशि है। बृहस्पति देव गुरु हैं, जो धर्म की रक्षा करते है। इससे सर्वत्र कल्याण होता है। सिद्ध योग होने  से हर कार्य में सफलता मिलेगी। ज्येष्ठ के बड़े मंगल की शुरूआत काफी शुभ व सफलतादायक रहेगी।
बताते चले हनुमान जी को कलयुग संकट हरने का वरदान प्राप्त हैं। कहा जाता है कि हनुमान जी की सेवा से उनके सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। मंगलवार हनुमान जी का दिन कहा गया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पीपल की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है वहीं हनुमानजी आपको मालामाल भी कर देते हैं। आइए आज हम जानते हैं उन उपायों के बार में, जिनसे हनुमान जी की कृपा प्राप्ति होगी और आप सदा सफलता प्राप्त करेंगे।

 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि मंगल ग्रह निर्बल हो और जिसके चलते वह शुभ फल नहीं दे रहा हो तो आप मंगलवार और शनिवार का व्रत कर सकते हैं। यदि आप के ऊपर कोई संकट आ रहा है तो इन संकटों से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए। शनिवार और मंगलवार का दिन इनके पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

इस दिन व्रत करने से कौन से लाभ होंगे और क्या है इसकी विधि आइए जानते हैं…

मंगलवार व्रत से लाभ
मंगलवार व्रत से हनुमान जी की अशीम कृपा प्राप्त होती है और व्रत से कुंडली का मंगल ग्रह शुभ फल देने वाला होता है। यह व्रत सम्मान, बल, साहस और पुरुषार्थ को बढ़ाता है। संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत बहुत लाभकारी है। इस व्रत के फलस्वरूप पापों से मुक्ति मिलती है। जो यह व्रत करते हैं उन पर भूत-प्रेत, काली शक्तियों का दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है। माना जाता है कि श्री राम भक्त हनुमान जी ऐसे देवता हैं जो थोड़ी सी प्रार्थना और पूजा से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।

व्रत की विधि:
हनुमान जी की कृपा प्राप्ति के लिए यह व्रत कम से कम लगातार 21 मंगलवार तक किया जाना चाहिए। 21 मंगलवार के व्रत होने के बाद 22वें मंगलवार को विधि-विधान से हनुमान जी का पूजन करके उन्हें चोला चढ़ाएं। फिर 21 ब्राह्मणों को बुलाकर उन्हें भोजन कराएं और क्षमतानुसार दान–दक्षिणा दें।

करें ये कार्य
– व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर लें।
– इसके बाद घर के ईशान कोण में किसी एकांत में बैठकर हनुमानजी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
– इस दिन लाल कपड़े पहनें और हाथ में पानी ले कर व्रत का संकल्प करें।
– हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान पर फूल माला या फूल चढ़ाएं।
– रुई में चमेली के तेल लेकर बजरंगबली के सामने रख दें।
– मंगलवार व्रत कथा पढ़ें साथ ही हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करें।
– आरती करने के बाद सभी को व्रत का प्रसाद बांटें और खुद भी ग्रहण करें।
– ध्यान रहे इस दिन में सिर्फ एक पहर का भोजन लें।
– व्रत रखने के साथ ही अपने आचार-विचार शुद्ध रखें।
– शाम को हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर आरती करें।