HUAWEI पर बैन लगा दिया US, ट्रंप के फैसले से ऐसे बढ़ेगी ग्लोबल टेंशन

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चीन की हुवावे टेक्नोलॉजी पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों से चीन का प्रौद्योगिकी उद्योग खतरे में पड़ सकता है। वहीं इस कदम से दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ सकती है जिससे दुनियाभर का प्रौद्योगिकी उद्योग बाधित होने की आशंका है। हुवावे दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन और नेटवर्क उपकरण बनाने वाली कंपनी है। लेकिन अमेरिका के विदेशी कंपनियों द्वारा अमेरिकी प्रौद्योगिकी इस्तेमाल पर रोक लगाने से हुवावे का 123 अरब डॉलर का सालाना कारोबार खतरे में पड़ सकता है।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए हुवावे अहम
हुवावे अमेरिकी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर प्रोसेसर चिप का निर्माण करती है। अमेरिका के इस कदम से बीजिंग के साथ उसकी तल्खी बढ़ सकती है, क्योंकि हुवावे चीन की न सिर्फ सबसे सफल निजी कंपनी है, बल्कि चीन की सत्तासीन कम्युनिस्ट पार्टी इसे प्रौद्योगिकी क्षेत्र में चीन को वैश्विक प्रतिस्पर्धी देश बनाने वाले प्रतिष्ठान के रूप में भी प्रचारित करती है।

अमेरिका पर हुवावे को खत्म करने की कोशिश का आरोप
चीन के समाचार पत्र चाइना डेली की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, ‘अमेरिका हुवावे को खत्म करना चाहता है।’ चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को चेतावनी दी कि वह ‘चीन की कंपनी के हितों और विधायी अधिकारों की रक्षा’ करेगा। हालांकि चीन ने बदले की कार्रवाई वाले संभावित कदमों की जानकारी नहीं दी। चीन पूर्व में ‘अविश्वसनीय इकाइयों की सूची’ जारी करने की धमकी दे चुका है जिनका परिचालन बंद कराया जा सकता है।

चीन और अमेरिका के बीच वर्चस्व की लड़ाई
हुवावे पर लड़ाई से अमेरिका और चीन के रिश्ते खराब हो सकते हैं। यह दोनों देशों की वैश्विक प्रौद्योगिकी बाजारों में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर केंद्र में है। दोनों देशों ने व्यापार युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर सहमति बनायी है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत चीन में होने से दोनों देशों के बीच इस समझौते के टूटने की आशंका बढ़ी है। कोरोना वायरस संकट की वजह से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गयी है।

हुवावे ने अपनी चिप भी विकसित की है
हुवावे ने हालांकि अपने खुद की भी चिप विकसित की है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माता ताइवान की टीएसएमसी को भी उत्पादन के लिए अमेरिकी सामग्री और उत्पादन उपकरण चाहिए। ऑब्जेक्टिव एनालिसिस के लिए सेमीकंडक्टर विश्लेषक का काम करने वाले जिम हैंडी ने कहा कि इस प्रतिबंध से हुवावे के हर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अमेरिका ने सेमीकंडक्टरों पर लगाया नया प्रतिबंध
इस बीच शेनझेन से मिली खबर के मुताबिक हुवावे ने अमेरिका का सेमीकंडक्टरों को लेकर लगाया गया नया प्रतिबंध एक ‘हानिकारक’ हमला है। यह वैश्विक प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों के लिए परेशानी खड़ा करने वाला कदम है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘ यह निर्णय मनमाना और हानिकारक है जो वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी उद्योग को कमजोर करने वाला कदम है।’