चाहती हैं पतली कमर तो अपनाएं यह उपाय, फिर देखें कमाल

नई दिल्ली: आज कल अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण आम आदमी के पास व्यायाम करने का वक्त नहीं होता है। यही वजह है कि उसका मोटापा दिन प्रतिदिन बढता जाता है| अकसर लोग वजन कम करने में लगे रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं वजन कम करने से भी ज्यादा जरूरी होता है, आपका कमर और पेट को कम करना। आपको पता है कि आप अपने वजन को तो कम कर सकते हैं लेकिन जो सबसे बड़ी समस्या है वह है कमर और पेट की चर्बी को हटाना।

Advertisement

आपको बता दें कि कुछ लोग मोटे नहीं होते लेकिन उनके पेट के आसपास काफी चर्बी जमा हो जाती है जिससे वे काफी परेशान रहते हैं| खासकर लड़कियां कमर और पेट के आसपास जमी चर्बी के कारण टाइट फिटिंग के कपड़े नहीं पहन पातीं, यदि वे ऐसा करती भी हैं तो ये लुक उनकी पर्सनैलिटी को सूट नहीं करता। आज आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिसे आप अपने पेट और कमर की बढ़ी हुई चर्बी को कम कर सकते हैं।

advt

 

अपनी कमर और पेट की बढ़ी हुई चर्बी को कम करने के लिए आपको रोजाना सुबह सैर करनी चाहिए इसके आलावा खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर न जा करके थोड़ी देर जरुर टहलें| क्योंकि टहलने से आपकी अतिरिक्त कैलोरी कम हो सकती है| इसके अलावा यदि आप जंकफूड खूब खाते हैं या फिर आपको तैलीय खाना बहुत पसंद है तो आपको चाहिए आप ऐसे खाने से बिल्कुल परहेज करें। सामान्य आटे के बजाय जौ और चने के आटे को मिलाकर चपाती खांए, इससे आप जल्द ही स्लिम ट्रि‍म होंगे।

यदि आप चाय पीने के बहुत शौकीन हैं तो आप दूध की चाय पीने के बजाय एंटीऑक्सीडेंट भरपूर ग्रीन टी, लेमन टी या फिर ब्लैक टी लें। दरअसल, दूध की चाय पीने से आपके मोटापा बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आपको चाहिए कि आप रोजाना सुबह पानी के साथ शहद का सेवन करें। इससे आप जल्द ही कमर और पेट को कम करेंगे।

आपको चाहिए कि आप सप्ताह में कम से कम एक बार उपवास जरूर करें। आप चाहे तो सप्ताह में एक दिन तरल पदार्थों पर भी रह सकते हैं। इसमें आप पानी, नींबू पानी, दूध, जूस, सूप इत्यादि चीजों को प्राथमिकता देंगे। इसके अलावा कमर और पेट कम करने के लिए आपको नियमित रूप से सुबह उठकर योग करना चाहिए, ऐसे में आपको कुछ ऐसे आसनों को शामिल करना होगा जिनसे आपके पेट और कमर को कम करने में मदद मिलें। वैसे भी आप योग से निरोग रह सकते है, आपको रोजाना सूर्य नमस्कार की सभी क्रियाएं, सर्वांगासन, भुजंगासन, वज्रासन, पदमासन, शलभासन इत्यादि को करना चाहिए।