विक्रम से संपर्क : कितनी एनर्जी है लैंडर के पास, ISRO के सिग्नल्स का कैसे देगा जवाब ?

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चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की लोकेशन भले ही ISRO को मिल गई हो, लेकिन अब तक विक्रम से संपर्क करने में इसरो असफल रहा है. मंगलवार को एक बार फिर बयान जारी कर कहा गया कि लैंडर से संपर्क स्थापित करने के सारे संभव प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि लैंडर विक्रम इसरो की इन कोशिशों पर कैसे जवाब देगा?

विक्रम कैसे देगा रिस्पॉन्स?

दरअसल विक्रम पर तीन ट्रांसपोंडर और एक फेस्ड अरे एंटीना लगा हुआ है. लैंडर को सिग्नल रिसीव करने, इसे समझने और वापस भेजने के लिए इनका उपयोग करना होगा. विक्रम का ग्राउंड स्टेशन से संपर्क टूटे 72 घंटों से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक वह दोबारा कम्यूनिकेशन स्थापित करने में सफल नहीं हो पाया है. अभी तक इसरो ने आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया है कि क्या ये सिस्टम अच्छी स्थिति में हैं या वे क्षतिग्रस्त हो गए हैं?

कब तक हो सकती है कोशिश?

इसरो के प्री-लॉन्च अनुमानों के अनुसार, लैंडर केवल एक चंद्र दिन (पृथ्वी के 14 दिन) के लिए सूर्य का प्रकाश प्राप्त कर सकता है. इसलिए इसरो इन 14 दिनों तक विक्रम से संपर्क की कोशिश करता रह सकता है. 14 दिनों के बाद ठंड की एक लंबी रात होगी, जिसके बाद लैंडर के सिस्टम के ठीक तरह से काम करने की संभावना ना के बराबर है.

क्या विक्रम के पास पावर/एनर्जी है?

विक्रम के सौर पैनल उसकी बॉडी के बाहर लगे हुए हैं. अगर वह सॉफ्ट लैंडिंग करता तो सूर्य की ऊर्जा और पावर जनरेट कर लेता. इसके अलावा विक्रम के पास बैटरी सिस्टम भी है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लैंडर इस पॉइंट पर बिजली पैदा कर रहा है या नहीं? इसरो ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है. एक हार्ड लैंडिंग इन प्रणालियों में से कुछ को नुकसान पहुंचा सकती है. इसरो अभी भी डेटा का विश्लेषण कर रहा है.

बता दें कि शनिवार की सुबह जिस समय लैंडर से संपर्क टूटा था, वो चंद्रमा की सतह से लगभग 2 किमी ऊपर था. यह लगभग 60 मीटर/सेकंड की स्पीड से यात्रा कर रहा था और लगभग 48 मीटर/सेकंड पर वर्टीकली नीचे आ रहा था. संपर्क टूटने के एक दिन बाद रविवार को ISRO ने इसकी लोकेशन का पता लगा लिया था. इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा था, ‘हमें चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की लोकेशन का पता चल गया है. ऑर्बिटर ने लैंडर की एक थर्मल इमेज क्लिक की है, लेकिन अभी तक कोई कम्यूनिकेशन नहीं हो सका है.