दो गांव के लोगों में छिड़ गई जंग, वजह- हिमालयी ‘वियाग्रा’

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यहां मिलता है हिमालयन वियाग्रा, लूटने के लिए भिड़ गए दो गांव
वैवाहिक जीवन हो या फिर कोई लव रिलेशन, सब मे जरूरी होता है कि दोनो में ही पार्टनर खुश रहें लेकिन इसके लिए जरूरी है कि दोनो एक  दूसरे को हर पल संतुष्ट रखें. अब चाहे वह फिर सेक्स संबध ही क्यों न हो क्योंकि हर रिलेशनशिप में ये बाते आम है . पुरूषों की अगर बात की जाए तो उनमें सेक्स को लेकर काफी समस्या देखने को मिलती है ऐसे में सेक्स पावर का कम होना आम होता है लेकिन आपको यह जानकर काफी आश्चर्य होगा कि सेक्स पावर को बढ़ाने के लिये वियाग्रा की मदद ली सकती है. जो आपकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है. जब पुरुषों में सेक्स करने की इच्छा कम होती हैं या वह सेक्स के दौरान ज्यादा उत्तेजित नहीं हो पाता हैं तो ऐसे में वियाग्रा का प्रयोग किया जाता हैं.
यहां मिलता है हिमालयन वियाग्रा, लूटने के लिए भिड़ गए दो गांव
इस बीच आपको बता दे  उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आने वाले मुनस्यारी और धारचुला के लोगों के बीच इन दिनों हिमालयन वियाग्रा को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. यहाँ का आलम यह है कि यहां गांवों में लोग हथियार लेकर एक दूसरे पर हमला करने पर उतारू  हो रहे है. मिली जानकारी के मुताबिक  बताया जा रहा है कि बुई और पाटो में गांव के लोगों के बीच हिमालयन वियाग्रा को लेकर कभी विवाद है. दोनों गांव के लोग यह दावा करते हैं कि रालम और राजरामभा बुग्याल इलाकों में मिलने वाले कीड़ा जड़ी (वियाग्रा) पर उनका हक़ है. इस बात को लेकर दोनों में कई बार विवाद हो चुका है. लोगो एक दूसरे की जन लेने के लिए भी उतारू को गए है.
जानिए इस विवाद पर क्या कहता है प्रशासन
मिली जानकारी के अनुसार आपको बताते चेल यहां तक कि प्रशासन ने कुछ दिन पहले गांव के लोगों को यह विवाद आपस में सुलझाने के लिए कहा था, लेकिन दोनों गांव के लोग एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए. आखिरकार इस विवाद को देखते हुए प्रशासन को यहां धारा 145 लगानी पड़ी.
लोगो के क्यों हुआ विवाद 
बताते चले यहाँ के लोगों का कहना है कि रालम पहाड़ी इलाका वन पंचायत के अंदर आता है. लेकिन मुनस्यारी के लोग कीड़ा जड़ी बीनने के लिए रालम आते हैं. इससे उनका हक़ का कीड़ा जड़ी वो ले जाते हैं. गांव के लोगों ने मुनस्यारी के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट आरसी गौतम से इसकी शिकायत की है. इस बारे में आरसी गौतम का कहना है कि हमने दोनों गांव के लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने. इसके बाद हमें धारा 145 लगानी पड़ी ताकि गांव के लोगों के बीच विवाद ना हो.
हिमालय के 3200 से 4000 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाने वाली कीड़ा जड़ी की लंबाई सात से दस सेंटीमीटर तक होती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, कीड़ा जड़ी में बिटामिन बी-12, मेनोटाल, कार्डिसेपिक अम्ल, इर्गोस्टाल, कार्डोसेपिन और डीपॉक्सीनोपिन भी होता है. जो यौन और शारीरिक शक्ति बढ़ाने में काम आता है. आपको बता दें कि यह कीड़ा हिमालय की पहाडिय़ों में पाया जाता है सेक्स की क्षमता को बढ़ाने वाले इस कीड़े का नाम है यार्सागुम्बा। लोग जब इसकी खासियत जानते है तो इसे खरीदने के लिए वह लाखों रूपए तक खर्च कर देते हैं। यह कीड़ा आयुर्वेदिक औषद्यि माना जाता है खासतौर पर यह कीड़ा भारत, तिब्बत और नेपाल में ज्यादा बिकता है।
इस कीड़े की खासबात यह है कि इसका कोई नुकसान नही है और फायदे कई हैं इसका उपयोग सिर्फ सेक्स पावर को बढ़ाने के साथ सांस और गुर्दे की बीमारी को दूर करने के लिये भी किया जाता है। इस कीड़े के बारे में अगर जानना चाहें तो यह दो इंच के बराबर होता है यह 6 माह तक जीवित रह सकता है और यह कुछ खास प्रकार के पौधों में ही मिलते हैं। जब यह कीड़े मर जाते हैं तो इन्हे धूप में सुखो कर पाउडर बना लिया जाता है और फिर एक औषद्यि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।