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कॉलेज गर्ल ने दिखाए कॉन्स्टेबल के ऐसे-ऐसे WhatsApp मैसेज, एसएसपी भी हो गए शर्मिंदा

आपने कई बार लोगो के मुँह से ये सूना होगा, कि आज कल समय काफी खराब चल रहा है. आज कल तो अपनों पर भी यकीन करने का समय नहीं रहा. ऐसे में लोगो की ये बातें सुन कर आपको हैरानी भी होती है और डर भी लगता है. हालांकि एक आम इंसान को जब कोई समस्या होती है, तो वो सीधा पुलिस के पास जाता है. मगर क्या आपको सच में लगता है कि पुलिस हर बार एक रक्षक की तरह आम आदमी की मदद करती है ? बरहलाल अगर आपका जवाब हां है, तो हमें लगता है कि आपको एक बार इस खबर को जरूर पढ़ लेना चाहिए. जी हां इस खबर को पढ़ने के बाद आपकी ग़लतफहमी दूर हो जाएगी.

राजधानी के गोमतीनगर के एक कॉलेज में वीमेन सिक्योरिटी वीक मनाया जा रहा था. इस दौरान महिलाओ के सशक्तिकरण के मुद्दे पर बात करने के लिए एसएसपी दीपक कुमार भी वहां मौजूद थे. यहाँ उन्होंने स्टूडेंट्स को कानून से संबंधित कुछ खास बातें भी बताई. मगर इसी दौरान वहां मौजूद एक लड़की ने ऐसा खुलासा किया, जिसे सुन कर हर कोई हैरान रह गया. जी हां लड़की के इस खुलासे को सुन कर तो मानो एसएसपी ने भी अपना माथा पकड़ लिया. दरअसल बात ये है, कि जिस समय ये कार्यक्रम हो रहा था तब वहां कॉलेज की एक छात्रा तमन्ना सिंह भी खड़ी थी.

तमन्ना ने एसएसपी को बताया कि उस दिन उनके कॉलेज में डीजे नाईट का फंक्शन था. इसके बाद तमन्ना ने बताया कि फंक्शन खत्म होने के बाद करीब ग्यारह बजे वो अपने मेल और फीमेल फ्रेंड्स के साथ वहां से निकल गई थी. इस दौरान वो सब गोमतीनगर स्टेशन पर सेल्फी लेने के लिए रुके ही थे, कि वहां एक पुलिस कॉन्स्टेबल आ गया और उन्हें गाडी में बिठा कर पुलिस स्टेशन ले गया. हालांकि उस समय वहां कोई महिला कॉन्स्टेबल नहीं थी, फिर भी हमें तीन बजे तक वहां रखा गया. इसके बाद हमें छोड़ दिया गया और हमारे मेल फ्रेंड्स को सुबह दस बजे पैंतीस सौ रूपये वसूलने के बाद छोड़ा गया.

इसके बाद तमन्ना ने कहा कि यहाँ तक तो फिर भी ठीक था, लेकिन इसके बाद पुलिस डिपार्टमेंट के एक कॉन्स्टेबल ने उसे मोबाइल पर मैसेज भेजने शुरू कर दिए. ऐसे में वो कभी मुझे गुड नाईट तो कभी गुड मॉर्निंग के टेक्स्ट करता था. यहाँ तक कि ये भी मैसेज आता था कि आप बहुत खूबसूरत हो. आप मुझे अच्छी लगती हो. इसके बाद छात्रा ने पुलिस से सवाल किया, कि अब आप ही बताईयें कि मैं कैसे पुलिस पर यकीन करूँ? हालांकि इसके बाद एसएसपी जी ने खुद छात्रा को यकीन दिलाया कि उस कांस्टेबल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और एक्शन भी लिया जाएगा.

इस घटना के बाद ये साफ़ साबित हो गया, कि वास्तव में पुलिस पर यकीन करना अब इतना भी आसान नहीं है.

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