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एक मंच पर दिखे PM मोदी और पूर्व PM मनमोहन, जानिए क्या है वजह…

Guru gobind singh jayanti 2019

नयी दिल्ली 1.  राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर उन्हें नमन किया।
श्री कोविंद ने ट्वीट किया, “ गुरु गोविंद सिंह जी को उनकी जयंती पर मेरी श्रद्धांजलि। उनका जीवन लोगों की सेवा और सत्‍य, न्‍याय एवं करुणा के प्रति समर्पित रहा। गुरु गोविन्‍द सिंह जी के कार्य और शिक्षाएं हमें आज भी प्रेरणा देती हैं।”
श्री मोदी ने टि्वटर पर लिखा, “ श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं।”
गुरु गोविंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरु होने के साथ एक आध्यात्मिक गुरु, योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे।

जानिए पूरा मामला 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने गुरु गोविंद सिंह की 352वीं जयंती   के अवसर पर रविवार को एक स्मारक सिक्का जारी किया।  गुरु गोबिंद सिंह जी   की जयंती लोहड़ी  के दिन मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भी मौजूद रहे। गुरु गोविंद सिंह को नमन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ  के जरिए पूरे देश को जोड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार साल के अंदर हमारी सरकार ने देश की संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाया।

गुरु गोविंद सिंह जी वीरता के साथ धीरता और धैर्य की अद्भुत मिसाल थी। गुरु गोविंद सिंह योद्धा ही नहीं बल्कि एक कवि भी थे। केंद्र सरकार 1984 में हुए अन्याय के खिलाफ एक बार फिर 11 सूत्रीय मार्ग पर चलने की कोशिश करने की कर रही है। करतापुर कॉरीडोर के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब करतारपुर के दर्शन दूरबीन से नहीं बल्कि आखों से कर पाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘गुरु गोबिंद सिंह जी का काव्य भारतीय संस्कृति के ताने-बाने और हमारे जीवन की सरल अभिव्यक्ति है। जैसे उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था वैसे ही उनका काव्य भी अनेक और विविध विषयों को अपने अंदर समाहित किये हुए है।’

करतारपुर कॉरीडोर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार के अथक प्रयासों से करतारपुर कॉरिडोर बनाने जा रहा है, अब गुरु नानक के मार्ग पर चलने वाला हर भारतीय दूरबीन के बजाए अपनी आँखों से गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर पायेगा। अगस्त 1947 में जो चूक जो गयी थी ये उसका प्रायश्चित है।’

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