2019 महागबंधन तय, जल्द तस्वीर होंगी साफ..

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Rashtriya Lok Dal Chief Chaudhary Ajit Singh on way to address party workers at state party head office in Lucknow on thursday. Express Photo by Vishal Srivastav. 22.09.2016. *** Local Caption *** Rashtriya Lok Dal Chief Chaudhary Ajit Singh on way to address party workers at state party head office in Lucknow on thursday.

मेरठ : चुनावी महाभारत की शुरुवात हो चुकी है।  राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के अध्यक्ष अजित सिंह ने कहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ महागबंधन जरूर बनेगा। उन्होंने कहा कि गैर बीजेपी कार्यकर्ताओं का गठबंधन हो गया है, अब सिर्फ नेताओं में होना बाकी है। चौधरी अजित सिंह ने दावा किया कि महागठबंधन हर हाल में होगा लेकिन इसकी तस्वीर दिसंबर तक पूरी तरह साफ हो पाएगी।

बता दें कि अजित सिंह दो दिवसीय दौरे पर मेरठ में हैं। अपने मेरठ दौरे पर सिंह ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। सिंह ने कहा, ‘जनविरोधी बीजेपी की सरकार को हटाना वक्त की जरूरत है। आरएलडी गैरबीजेपी दलों के बीच गठबंधन होने की मजबूत पक्षधर है। बीजेपी से आरएलडी कभी सियासी दोस्ती नहीं करेगा। गठंबधन को लेकर बीजेपी ज्यादा चिंचित मायावती पुरानी नेता हैं, वह गठबंधन जरूर करेंगी।’

‘यह मोदी सरकार नहीं इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है’
हर प्रदेश में गठबंधन की बात पर जोर देते हुए अजित सिंह ने कहा, ‘क्षेत्रीय दल एक या दो राज्य में ही प्रभावी हैं, ऐसे में राज्यवार गठबंधन होना चाहिए। अब जनता जागरूक हो गई है, मोदी सरकार का जाना तय है। यह मोदी सरकार नहीं बल्कि एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों के विसर्जन को एक इवेंट बना दिया।’ अजित ने संकेत दिए कि जगह-जगह आंदोलन चला रहे किसानों को आरएलडी राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट करने की पहल करेगी। उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में कुछ किसान संगठन दिल्ली में एकत्र हो रहे हैं, आरएलडी उनका समर्थन करेगी।

‘चुनाव आते ही याद आए राम’

अयोध्या में मंदिर निर्माण मुद्दे पर अजित सिंह ने कहा, ‘चुनाव आते ही बीजेपी को इसकी याद आ गई। संतों की सक्रियता और दूसरे आयोजन शुरू करा दिए। मंदिर का मामला कोर्ट में हैं, उसका इंतजार करना चाहिए।’ मी-टू से मंत्री एमजे अकबर का नाम जुड़ने पर अजित सिंह का कहना था, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देते हैं लेकिन बीजेपी विधायक रेप का आरोपी है, उनके खिलाफ ऐक्शन लेने से सरकार बचती हैं। बवाल के बाद सीबीआई ऐक्शन लेती है। कठुआ कांड सबके सामने हैं। मी-टू पर भी बीजेपी नेता चुप हैं। पीएम तो किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर बोलते ही नहीं। राफेल पर भी उनकी चुप्पी बरकरार है।’ इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के सरकार के कदम पर अजित सिंह ने कहा कि शहरों के नाम नहीं बदलने चाहिए, फिर यह एक परंपरा पड़ जाती है। दूसरी सरकार आकर फिर नाम बदल देती है।

‘वादा करके भूल जाने वाले पीएम हैं मोदी’
बीजेपी को वादा करने वाली छलावा सरकार और मोदी को सिर्फ वादे कर भूल जाने वाला पीएम बताते हुए अजित ने कहा, ‘किसानों को फायदा पहुंचाने के नाम पर फसलों के एमएसपी बढ़ाने का दावा तो सरकार कर रही है लेकिन तीन माह में महंगाई के दौर में उनकी उत्पादन लागत कितनी बढ़ी इसकी सरकार को चिंता नहीं है।’