आपकी मेहनत और मोदी का पैसा, गोबर और गोमूत्र से बनिए करोड़पति !

0
5

पहली बार की ही तरह इस बार भी मोदी सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में गाय को विशेष महत्व दिया है. सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु योजना भी लागू की है, जिसके माध्यम से गाय, उसके गोबर और गोमूत्र तथा उनके लाभों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है. अब सरकार ने एक और बड़ा फैसला किया है, जिसके तहत गोबर और गोमूत्र से जुड़ा STARTUP लगाने वाले को 60 प्रतिशत फंडिंग सरकार करेगी.

वैसे भी राष्ट्रीय कामधेनु योजना लागू होने के बाद अनेक उद्यमियों ने गोबर और गोमूत्र से बने उत्पादों पर स्टार्टअप लगाने पर खास ध्यान दिया है और सरकार भी ऐसे उद्यमियों को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास कर रही है. इसी के तहत राष्ट्रीय कामधेनु आयोग यानी RKA की फरवरी-2019 में स्थापना की गई. 500 करोड़ रुपए के प्रारंभिक बजट के साथ गठित आरकेए ने राष्ट्रीय कामधेनु योजना यानी RKY आरंभ की है.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष राजकोट से चार बार बीजेपी सांसद रहे डॉ. वल्लभ कथीरिया हैं. कथीरिया को गोक्षेत्र में कार्य करने का विस्तृत अनुभव है, क्योंकि वे गुजरात गोसेवा आयोग के भी अध्यक्ष रह चुके हैं. मोदी सरकार ने गोसंवर्धन, गोसुरक्षा को लेकर आरकेए का गठन किया था.

डॉ. वल्लभ कथीरिया ने हाल ही में घोषणा की है कि डेयरी के साथ-साथ गोबर और गोमूत्र से उत्पाद बनाने वाले स्टार्टअप के लिए प्रारंभिक निवेश की कुल राशि का 60 प्रतिशत सरकार उपलब्ध कराएगी. कथीरिया के अनुसार ‘हम युवाओं को गाय पर आधारित उद्योगों के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उनसे गाय के मुख्य उत्पाद दूध और घी ही नहीं, अपितु औषधीय और कृषि उद्देश्यों के लिए गोमूत्र और गाय का गोबर भी हासिल करेंगे.’

कथीरिया ने कहा, ‘गोमूत्र और गोबर का औद्योगीकरण लोगों को प्रोत्साहित करेगा कि वे ऐसी गायों को न छोड़ें, जिन्होंने दूध देना बंद कर दिया है. हम काउ बाय प्रॉडक्ट्स के औषधीय मूल्यों पर होने वाले रिसर्च को भी प्रोत्साहित करेंगे. आरकेए ऐसे बाय प्रॉडक्ट्स के लिए स्कॉलर्स और रिसर्चर्स को अपना प्रोजेक्ट दिखाने के लिए एक मंच भी देगा. जो लोग पहले से ही गोशाला चला रहे हैं, हम उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम व कौशल विकास शिविर भी आयोजित करेंगे.’

खबर स्रोत- yuvapress.com