100 साल पहले हुई जिस बच्ची की मौत, आज भी वो खोलती है अपनी आंखें !

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मौत, यह एक ऐसा शब्द है जो इस दुनिया में सबसे अटल सच्चाई है। जो इस दुनिया में आया है, उसे एक ना एक दिन इस अटल सत्य से रूबरू होना ही पड़ता है। लगभग दुनिया के सभी समाजों में मौत के बाद पार्थिव शरीर का सादर अंतिम संस्कार करने की परंपराएं है। लेकिन इतिहास में ऐसी कई मौतें हैं जिनके शरीर को नष्ट करने की बजाय उनके शरीर को ममीकृत करके सुरक्षित किया गया है। लेकिन क्या ऐसा हो सकता है कि कोई ममी जिसकी कई साल पहले मौत हो चुकी हो और उसका शरीर आज भी हरकत करता है।

शायद आप लोगों को मेरी यह बात सुनकर हैरानी हो रही होगी लेकिन आज मैं ऐसी एक बच्ची की ममी के बारे में बताने वाला हूं जिसके बारे में यह दावा किया जाता है कि उस बच्ची की मृत्यु के सौ साल बाद भी वह अपनी आंखें झपकाती है। तो चलिए जानते हैं इस ममी की पूरी सच्चाई। यह घटना है पलेर्मो (इटली) की जहां सन 1918 में “रोजालिया लोंबार्डो” नाम की एक बच्ची का जन्म हुआ। दुर्भाग्यवश रोजालिया की महज 2 साल की आयु में निमोनिया के कारण मौत हो गई। रोजालिया के असमय मौत की वजह से उसके पिता बेहद दुखी हुए और उन्होंने रोजालिया के शव को दफनाने की बजाए उसे ममीकृत करने का फैसला लिया।

इस काम के लिए उसके पिता ने इटली के मशहूर एमबालवर “अल्फ्रेडो सलफिया” को यह काम सौंपा। जिन लोगों को एमबालमिंग प्रक्रिया के बारे में नहीं पता उन्हें मैं बता दूं की यह एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें मृत के शरीर में एक खास तरह का फ्लूइड इंजेक्ट किया जाता है, जिससे मृत शरीर को कुछ दिनों तक प्रोटेक्ट किया जा सके। साथ ही इस खास फ्लूइड को इंजेक्ट करने से मृत शरीर थोड़ा जीवत लगने लगता है और इस प्रक्रिया से अल्फ्रेडो ने रोजालिया के मृत शरीर को ऐसा सुरक्षित किया है कि आज भी रोजालिया की ममीकृत शरीर को दुनिया की सबसे खूबसूरत ममी का दर्जा मिला हुआ है।

शीशे के ताबूत में रखी इस ममी को “स्लीपिंग ब्यूटी” के नाम से भी जाना जाता है। रोजालिया के शरीर को सुरक्षित करने के लिए ऐसी कौन सी रहस्यमई एमबालमिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया था, जिसके कारण लगभग सौ साल बाद भी रोजालिया का शरीर बिल्कुल सही सलामत है और यह आज भी एक राज ही है। लेकिन इसी राज के चलते अनेकों विजिटर कैपचिन कैटोकॉम्ब्स म्यूजियम में स्लीपिंग ब्यूटी को देखने आने लगे और फिर कुछ लोगों का यह दावा सामने आया कि रोजालिया कि लाश आज भी अपनी आंखें झपकाती है।

इस दाबे ने सबके होश उड़ा दिए और यह बात जंगल की आग की तरह पूरी इटली में फैल गई। बहुत से लोग इस ममी को देखने के लिए बहुत दूर-दूर से आने लगे। इन दावों की जांच के लिए रोजालिया के शव की टाइमलेस तस्वीर भी निकाली गई और इन तस्वीरों के परिणामों को देखकर हर कोई हैरान रह गया। इन तस्वीरों में भी रोजालिया की आंखों को झपकते हुए देखा गया है, आइए देखते हैं इन 2 तस्वीरों को।

मैं उम्मीद करता हूं कि आप भी इन तस्वीरों को देखकर मेरी तरह हैरान रह गए होंगे। इन तस्वीरों के सामने आते ही बहुत से लोगों ने इस अद्भुत घटना के बारे में अपनी अपनी राय देना शुरू कर दिया। इस पूरे मामले में जो एक थ्योरी सबसे ज्यादा प्रचलित है, वह यह है कि यह एक ऑप्टिकल इल्यूजन हो सकता है जोकि रोजालिया के ताबूत के साइड विंडो से आने वाली लाइट के चेंज होने से पैदा होता है। हालांकि यह थ्योरी भी मात्र फिजिक्स के सिद्धांतों से बनाई गई है लेकिन रोजालिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने वाले लोग आज भी इस थ्योरी को नहीं मानते और उनका अभी भी मानना है कि रोजालिया सच में अपनी आंखें खोलती और बंद करती है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उन लोगों ने रोजालिया कि आत्मा को उस म्यूजियम में अलग-अलग जगह पर महसूस किया है लेकिन पूरा सच क्या है यह आज भी एक राज है।