धर्म

सावन में नई नवेली दूल्हन से करा लें सिर्फ एक उपाय, जीवनभर बने रहेंगे मालामाल

महादेव और माँ पार्वती की पूजा अर्चना वैसे तो हर दिन होती है। लेकिन भगवान भोलेनाथ को सावन मास सबसे अधिक प्रिय होता है। बताते चले इसलिए सावन में शिव की पूजा अर्चना की जाती है। सावन में इस पूजा को सभी लोग मन से करते हैं।  सावन में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ये महीना भगवान शिव के ध्यान और पूजा पाठ के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। इस बीच बताते चले  इस सावन माह में अगर कोई भी उपाय किया जाए तो वो सफल भी होता है।

नियम है कि बेटी शादी के बाद अपना पहला सावन मनाने मायके आती है पर क्या आपको पता है कि इस दौरान अगर आप अपनी बेटी से एक छोटा सा उपाय करा लेते हैं तो आपके जीवन में धन-धान्य व सुख समृद्धि की अपार वर्षा होगी। जी हां माना जाता है कि अगर बेटी की शादी के बाद उसके माता पिता के घर के हालात बिगड़ने लगे तो जब वह सावन में पहली बार बेटी मायके आती है तो उसके हाथों से एक उपाय करा लेने चाहिए ऐसा करने से घर की परेशानियां स्वतः ही खत्म होने लगेगी और परिवार में खुशियों का वातावरण दोबारा बनने लगेगा।

तो आइए जानते हैं कि आखिर कौन-से हैं वो उपाय जो नवविवाहित बेटी से कराने चाहिए

सबसे पहला उपाय तो यह है कि घर की बेटी जब शादी के बाद पहला सावन बिताने मायके आए तो पिता या भाई बेटी के हाथों से एक तुलसी का पौधा घर के आंगन में लगवा लें और जब तक बेटी यहां रहे तब तक उससे हर रोज शाम को तुलसी के नीचे उससे दीपक जरूर जलाने को कहें। ऐसा करने से घर में सदैव सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी।

 

दूसरा उपाय ये है कि आप सावन के किसी भी मंगलवार के दिन अपनी नवविवाहित बेटी के हाथों से गुड़ लेकर उसी उसे मिट्टी के बर्तन में रखकर घर के आंगन या कहीं एकांत में मिट्टी में दबा दीजिए। ऐसा करने से मकान और संपत्ति संबंधित जो भी इच्छाएं होंगी वो पूरी हो जाएंगी।

तीसरा उपाय ये है कि सावन में किसी भी बुधवार को बेटी के हाथों एक सुपारी लेकर सुपारी में रक्षा सूत्र (कलावा) बांध कर पीले कपड़े में लपेटकर घर के किसी कोने में या मंदिर में लटका दें। ऐसा करने से आपके उपर जो भी कर्ज हैं उससे मुक्ति मिल जाएगी।

इसके अलावा चौथा व आखिर उपाय है कि सावन के किसी भी सोमवार की सुबह नवविवाहित बेटी को संपूर्ण श्रृंगार कराके एक आसन पर बैठा दें और माता पिता भी उसके सामने एक गुलाबी कपड़े में थोड़ा सा अक्षत (चावल) और एक चांदी का सिक्का लेकर बैठ जायें।

ऐसा करने से के बाद अब गुलाबी कपड़े में उस अक्षत और सिक्के को बेटी के हाथों से बांधवा कर अपने धन रखने के स्थान पर रखें। इसके बाद माता पिता बेटी के चरण स्पर्श करते हुए लक्ष्मी रूप मानकर सभी समस्याओं के निवारण की कामना करें। आप देखेंगे कि कुछ ही समय बाद आपकी सभी समस्याओं का अंत हो जाएगा।

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